UP Tourism AI Digital Roadmap: उत्तर प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रयागराज में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन के डिजिटल एजेंडे का रोडमैप तैयार करने के लिए पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने विचार-मंथन किया। होटल इलावर्ट में ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रीडिजाइन टूरिज्म’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को डिजिटल तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पर्यटन स्थलों के डिजिटल प्रचार, पर्यटकों की सुविधाओं, बहुभाषी गाइड, वॉयस ट्रांसलेटर और AI आधारित टूर प्लानर जैसे सुझाव सामने आए।
उत्तर प्रदेश देश में घरेलू पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए इसकी वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की कवायद शुरू की गई है। पर्यटन विभाग इसके लिए डिजिटल एजेंडे का रोडमैप तैयार कर रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने प्रयागराज के धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देश-विदेश के पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की समृद्ध पर्यटन विरासत को डिजिटल प्रमोशन, आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया से जोड़कर अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
परिचर्चा में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या और पर्यटन विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। यू.पी. चैंबर ऑफ कॉमर्स के विनय टंडन ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक प्रयागराज में 23 करोड़ 71 लाख से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इसके केंद्र में माघ मेला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन प्रमुख हैं।
विनय टंडन ने सुझाव दिया कि प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों को डिजिटल फॉर्म में तैयार कर शहर के अलग-अलग टूरिस्ट सूचना केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर प्रमुख स्थलों, उनकी विशेषताओं और यात्रा संबंधी जानकारी मिल सकेगी।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने कहा कि शहर के होटलों में विश्वस्तरीय सुविधाओं के विकास के साथ होटल की वेबसाइट पर प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों की डिजिटल प्रस्तुति भी शामिल की जानी चाहिए। इससे होटल में ठहरने वाले पर्यटकों को शहर के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
परिचर्चा में यह सुझाव भी सामने आया कि भीड़ प्रबंधन की तर्ज पर अब पर्यटन स्थलों, विशेषकर घाटों पर होने वाली आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापक प्रचार दिया जाए। पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुभाषी टूरिस्ट गाइड की नियमित उपलब्धता और वॉयस ट्रांसलेटर की व्यवस्था की जरूरत भी बताई गई।
ट्रैवल टूर ऑपरेटर नीलेश नारायण ने संगम और प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए पर्सनलाइज्ड टूर प्लानर विकसित किए जाने का सुझाव दिया। AI आधारित ऐसी व्यवस्था के जरिए पर्यटक अपनी रुचि, उपलब्ध समय और प्राथमिकताओं के अनुसार यात्रा की योजना तैयार कर सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। स्टार क्लासिफिकेशन, युवा पर्यटन क्लब तथा स्थानीय संस्कृति और लोक कलाकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वैभव मणि, विनय टंडन, जीएस दरबारी, आकाश गुप्ता, हरजिंदर सिंह और श्रेय केसरवानी समेत पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह, डीपी सिंह एवं संस्कृति अधिकारी के समन्वय से किया गया। परिचर्चा में पर्यटन से जुड़े हितधारकों, होटल एवं उद्योग प्रतिनिधियों, युवाओं तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान हेरिटेज वॉक का भी आयोजन किया गया।