UP Basic Education Teacher Vacancy: बेसिक शिक्षा परिषद के नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के 11,508 रिक्त पदों का अधियाचन भेजे जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) की परीक्षा पाठ्यक्रम और चयन प्रक्रिया में अंतर के कारण भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है। अब बेसिक शिक्षा विभाग इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है।
बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में शैक्षिक गुणांक तथा यूपीईएसएससी की नियमावली में केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन का प्रावधान है। इसी अंतर को लेकर आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। विभाग के स्तर पर विचार-विमर्श के बाद भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम निर्धारित कर विज्ञापन जारी किए जाने की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 1981 की नियमावली के आधार पर नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों का अधियाचन भेजा है। इन पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की नजर लंबे समय से बनी हुई है। भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के लिए नियमावली और चयन पद्धति में सामंजस्य जरूरी है।
परिषद की नियमावली में चयन के दौरान शैक्षिक गुणांक के आधार पर मेरिट तैयार करने की व्यवस्था है। वहीं, आयोग की नियमावली में शिक्षक चयन प्रक्रिया के लिए शैक्षिक गुणांक का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। ऐसे में यह तय किया जाना है कि भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर होगी या शैक्षिक गुणांक को भी चयन में शामिल किया जाएगा।
आयोग की आपत्ति के बाद शासन स्तर पर बैठक हो चुकी है। बैठक के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग चयन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगा। विभाग और आयोग के बीच नियमों में अंतर दूर होने के बाद ही परीक्षा पाठ्यक्रम और भर्ती विज्ञापन को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
मामला केवल बेसिक शिक्षा परिषद तक सीमित नहीं है। आयोग के माध्यम से एडेड महाविद्यालय, एडेड माध्यमिक विद्यालय और बेसिक शिक्षा परिषद एवं एडेड जूनियर हाईस्कूल समेत कुछ अन्य शिक्षक भर्तियां भी कराई जानी हैं। आयोग की नियमावली में शिक्षक चयन प्रक्रिया के दौरान शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था नहीं होने से इन भर्तियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
फिलहाल प्रतियोगी परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। शैक्षिक गुणांक को लेकर आयोग और परिषद के बीच गतिरोध के कारण भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। शासन स्तर पर हुई बैठक में आपसी सहमति से संशोधन का रास्ता निकालने पर जोर दिया गया है। निर्णय होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए स्पष्ट दिशा मिल सकेगी।
भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग यदि जल्द नियमों की स्थिति स्पष्ट करता है तो परीक्षा पाठ्यक्रम और विज्ञापन जारी करने का रास्ता साफ हो सकता है। अब सभी की नजर बेसिक शिक्षा विभाग के अगले निर्णय पर है।