उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (सोर्स- सोशल मीडिया)
प्रयागराज

भर्ती में देरी का खामियाजा: प्रधानाचार्य तो बने लेकिन कार्यभार संभालने से पहले ही हो गए रिटायर

UPSESSB Principal Recruitment: एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 632 प्रधानाचार्य पदों की भर्ती प्रक्रिया में वर्षों की देरी से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ा नुकसान हुआ। 2013 में हुई भर्ती 2022 में पूरी हुई।

ओमप्रकाश सिंह परिहार

UPSESSB Principal Recruitment 2013: एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद पर भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी का खामियाजा चयनित अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2013 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण कुछ अभ्यर्थी प्रधानाचार्य का पद संभालने से पहले ही सेवानिवृत्त हो गए। वहीं, कई चयनित अभ्यर्थी अभी भी कार्यभार ग्रहण करने की प्रतीक्षा में हैं।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने दिसंबर 2013 में प्रधानाचार्य के 632 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार के माध्यम से चयन होना था, लेकिन साक्षात्कार कार्यक्रम जारी करने में काफी विलंब हुआ। इसका सीधा असर अभ्यर्थियों के करियर पर पड़ा।

साक्षात्कार में देरी पर हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी

साक्षात्कार कराए जाने की मांग को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2022 में मंडलवार साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। 14 से 30 मार्च 2022 तक साक्षात्कार कराए गए। इसके बाद 11 नवंबर 2022 को कानपुर मंडल समेत शेष 17 मंडलों का चयन परिणाम जारी किया गया।

चयनित प्रधानाचार्यों के विद्यालय आवंटन के लिए छह दिसंबर 2022 को पैनल जारी किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित किए गए।

कार्यभार से पहले ही सेवानिवृत्ति

भर्ती प्रक्रिया में वर्षों की देरी का सबसे बड़ा नुकसान उन अभ्यर्थियों को हुआ, जो चयनित होने के बावजूद समय पर पद ग्रहण नहीं कर सके। कुछ अभ्यर्थी प्रधानाचार्य पद पर चयनित हुए, लेकिन कार्यभार मिलने तक उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र आ गई। परिणामस्वरूप वे पद के वेतन-भत्ते और प्रधानाचार्य पद से मिलने वाले सम्मान से भी वंचित रह गए।

कुछ चयनित अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाने की स्थिति में कोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। आदेश के दौरान जिन 124 प्रधानाचार्यों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था, वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाने वाले कुछ चयनित अभ्यर्थियों का मामला अब भी अटका हुआ है।

भर्ती पूरी होने में लगा लंबा समय

इस भर्ती प्रक्रिया में देरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी हुआ और साक्षात्कार तथा चयन की प्रक्रिया करीब नौ साल बाद 2022 में पूरी हो सकी। इसके बाद भी विद्यालय आवंटन और कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया में विवाद सामने आए।

रिपोर्ट के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब के कारण कुछ चयनित अभ्यर्थी अब पद पर कार्यभार ग्रहण करने की उम्र पार कर चुके हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें चयन का लाभ देते हुए उनके अधिकारों की रक्षा की जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी का नुकसान उन्हें न उठाना पड़े।

आज की ताजा खबर 12 अगस्त LIVE: मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन; टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रा का पद से इस्तीफा

हवा में फेल हुआ इंडिगो विमान का इंजन, 224 यात्रियों की अटकी सांसें, चेन्नई एयरपोर्ट पर ऐसे बची जान...

दिल्ली में तिरंगे के साथ गूंजा फिटनेस का संदेश, 1000 से ज्यादा युवाओं ने निकाली हर घर तिरंगा साइकिल यात्रा

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की 'आत्मकथा' का किया विमोचन, जानें इस किताब में क्या है ऐसा खास

रांची में देर रात धरना स्थल पर क्यों पहुंची पुलिस? BJP MLA के हिरासत के दावों के बीच सामने आई असली वजह