UP Board Books Home Delivery Portal: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) अब विद्यार्थियों तक पाठ्यपुस्तकों की आसान और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी में है। एनसीईआरटी की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों में पुस्तकोंजी के डीलर तय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल खुलने के समय विद्यार्थियों को उनकी निर्धारित किताबें आसानी से मिल सकें।
शैक्षिक सत्र 2027-28 के लिए एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए किताबों की छपाई की प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू करने की तैयारी है।
यूपी बोर्ड की ओर से कक्षा नौ से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। किताबों की छपाई का टेंडर अक्टूबर में होने की उम्मीद है। इसके बाद प्रकाशन का कार्य तेजी से कराया जाएगा और जनवरी 2027 में किताबें बाजार में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
जनवरी के अंतिम सप्ताह तक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी है। बोर्ड का प्रयास है कि विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने के साथ ही आवश्यक पाठ्यसामग्री मिल जाए और पढ़ाई प्रभावित न हो।
बोर्ड के अनुसार, हाईस्कूल स्तर पर अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों की किताबें तैयार कराई जाएंगी। इनका उपयोग राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए किया जाएगा।
दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन होम डिलीवरी की व्यवस्था प्रस्तावित है। अधिकृत प्रकाशकों के सहयोग से ऑनलाइन माध्यम से कक्षा नौ और दस की किताबें मंगाने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए Pioneerbooks.in नाम से ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है।
विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार पुस्तक सेट का चयन कर संबंधित ऑनलाइन विक्रय पृष्ठ से ऑर्डर कर सकेंगे। इससे किताबों के लिए बाजारों में भटकने की समस्या कम होने की उम्मीद है।