Upper Primary Teacher Redeployment 2026: बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी द्वारा जारी इस सूची में लगभग 30 हजार शिक्षकों को सरप्लस श्रेणी में दर्शाया गया है। इनमें करीब 19 हजार प्राथमिक और 11 हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि सूची का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और छात्र संख्या के बीच संतुलन स्थापित करना है। सूची जारी होने के बाद संबंधित शिक्षक इसका अवलोकन कर सकते हैं और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाते हैं तो 17 जुलाई तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को प्रस्तावित है, जिसके बाद हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा परिषद ने पिछले वर्ष नवंबर में समायोजन-3 की प्रक्रिया शुरू की थी। दिसंबर में जब सरप्लस शिक्षकों की प्रारंभिक सूची जारी की गई थी, तब कई शिक्षकों ने अपने नाम गलत तरीके से सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत सरप्लस घोषित किया गया है।
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इसी विवाद को लेकर कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिषद को निर्देश दिया कि सरप्लस शिक्षकों की विस्तृत सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि प्रभावित शिक्षक यह जान सकें कि उन्हें किस आधार पर सरप्लस माना गया है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अब यह सूची जारी कर दी गई है।
नई सूची में जनपद, ब्लॉक और विद्यालयवार विवरण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि किस विद्यालय में कितने शिक्षक सरप्लस हैं और वहां छात्र संख्या कितनी है। परिषद का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षकों को अपनी स्थिति समझने में आसानी होगी।
अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां प्राप्त आपत्तियों और परिषद की रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।