Sawan Meat Shop Closure Case In High Court: सावन महीने में मटन-चिकन की दुकानों को बंद कराने के मामले ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमरोहा निवासी नासिर फारूकी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर दुकानों को बंद करने के लिए जारी किए गए नोटिस की वैधानिकता को चुनौती दी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्ग के अलावा अन्य स्थानों पर स्थित मांस की दुकानों को भी बंद कराया जा रहा है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि कुछ दुकानदारों को पुलिस ने अनडेटेड नोटिस जारी कर दुकानें बंद करने के लिए कहा। आरोप है कि जिन दुकानों का कांवड़ यात्रा मार्ग से कोई सीधा संबंध नहीं है, उन्हें भी बंद कराया गया। याचिका में इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन की प्रक्रिया और नोटिस की वैधानिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
जनहित याचिका में कहा गया है कि मटन और चिकन की दुकानों के बंद होने से दुकानदारों के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर भी संकट पैदा हो गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि बिना उचित आधार और प्रक्रिया के जारी किए गए नोटिस को रद्द किया जाए।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि दुकानों को बंद कराने के लिए जारी किए गए कथित अनडेटेड नोटिस की वैधानिकता की जांच की जाए और यदि कार्रवाई नियमों के विपरीत पाई जाती है तो ऐसे नोटिस निरस्त किए जाएं। याचिका में सैकड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित होने का भी हवाला दिया गया है।
अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और अदालत के रुख पर नजर रहेगी। मामला सावन के दौरान मांस की दुकानों को बंद कराने की प्रशासनिक कार्रवाई और उससे जुड़े कानूनी अधिकारों से जुड़ा है।