Prayagraj Police Action Bangladesh Citizen: मेजा थाने में बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लेने और उसकी गिरफ्तारी दर्ज करने के बीच सामने आए अंतर के मामले में प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया के आदेश पर मेजा थाना प्रभारी जितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त प्रभारी कमलेश यादव को निलंबित कर दिया गया है। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस की कार्रवाई और अभिलेखों में दर्ज गिरफ्तारी की तारीख को लेकर सवाल उठे थे।
जानकारी के मुताबिक मेजा क्षेत्र में रहने वाले कमलेश कुमार विश्वास उर्फ सुजल को पुलिस ने उसके क्लीनिक से 15 अगस्त को पकड़ा था। आरोप है कि उसे चार दिन तक थाने में रखा गया, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में उसकी गिरफ्तारी 19 अगस्त को दिखाई गई। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच के दौरान थाने और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सामने आए, जिनसे पुलिस की कार्रवाई की समय-सीमा को लेकर सवाल खड़े हुए।
पुलिस के अनुसार, कमलेश कुमार विश्वास लंबे समय से मेजा क्षेत्र में रह रहा था और वहां क्लीनिक चला रहा था। एक संपत्ति विवाद की जांच के दौरान उसकी नागरिकता और दस्तावेजों को लेकर पुलिस को जानकारी मिली। जांच में उसके पास अलग-अलग नामों से बने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिलने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक उसके पास भारतीय पासपोर्ट भी था, लेकिन वैध वीजा नहीं मिला। इसके बाद उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
मामले में हिरासत और गिरफ्तारी के बीच अंतर सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय का रुख किया। इसके बाद जांच में सीसीटीवी फुटेज को भी देखा गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त के आदेश पर मेजा थाना प्रभारी जितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त प्रभारी कमलेश यादव को निलंबित कर दिया गया। डीसीपी यमुनापार विवेक चंद्र यादव ने दोनों अधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की है। अब विभागीय जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों पर भी नजर रहेगी।