पुलिस की सख्ती के बावजूद गहरी पैठ जमाए है स्मैक का अवैध कारोबार
नेहरू पार्क मार्ग पर वर्षों से चल रहे नशे के कारोबार पर सवाल
युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा
Prayagraj Smack Trade: संगम नगरी में स्मैक का अवैध कारोबार गहरी पैठ जमा चुका है। पुलिस की सख्ती, छापेमारी और विशेष टीम के गठन के बावजूद इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाने से कार्रवाई की निरंतरता और नतीजों पर सवाल उठ रहे हैं। शहर में लंबे समय से सक्रिय इस अवैध कारोबार का असर युवाओं पर पड़ रहा है। नशे की लत में फंस रहे युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा नशा खरीदने में खर्च कर रहे हैं, वहीं तस्करी के नेटवर्क में युवाओं की कथित संलिप्तता भी चिंता का विषय है।
शहर में इलाहाबाद हाईकोर्ट से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर धूमनगंज थाना क्षेत्र के नेहरू पार्क मार्ग पर वर्षों से स्मैक की बिक्री होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां सुबह से देर रात तक संदिग्ध लोगों की आवाजाही बनी रहती है। आरोप है कि स्मैक खरीदने के लिए दूरदराज के इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं।
स्मैक का अवैध कारोबार केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और परिवारों की आर्थिक स्थिति से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। नशे की लत के कारण युवा अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा नशे पर खर्च कर रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रहीं हैं।
सूत्रों की माने तो शहर के करेली, दरियाबाद, झलवा, राजापुर और बमरौली समेत विभिन्न इलाकों से लोगों के नेहरू पार्क मार्ग तक स्मैक खरीदने आते हैं। मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा की आवाजाही भी बनी रहती है। जिसमें स्मैकिया आते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर नशे की खरीद-फरोख्त पूरे दिन चलता रहता है।
नेहरू पार्क मार्ग धूमनगंज और कैंटोनमेंट थाना क्षेत्रों की सीमां पर पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमा क्षेत्र का फायदा उठाकर नशे के कारोबार में शामिल लोग पुलिस की कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। धूमनगंज थाना क्षेत्र में बिक्री तो कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में इनके एजेंट घूमते हुए बिक्री करते हैं।
पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के कार्यभार संभालने के बाद अपराध और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जगी थी। स्थानीय स्तर पर छापेमारी और विशेष टीम के गठन की चर्चा भी हुई। हालांकि, लोगों का कहना है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद भी नेहरू पार्क मार्ग पर कथित कारोबार पूरी तरह बंद होता नजर नहीं आया। पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों और कुछ घरों पर देर रात तक छापेमारी की। इसके बावजूद कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लग पाया।