Krishna Janmabhoomi Movement: कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को नई दिशा और गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रयागराज स्थित पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी महंत रविंद्र पुरी जी महाराज को कृष्ण जन्मभूमि का राष्ट्रीय संरक्षक बनाए जाने की घोषणा की गई। इस मौके पर संत-महात्माओं ने आंदोलन को मजबूती देने और सनातन समाज से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक विधि-विधान और शिला पूजन के साथ हुई। स्वामी महंत रविंद्र पुरी जी महाराज ने पूजा-अर्चना करने के बाद यात्रा को रवाना किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सचिव महंत राम रतन जी महाराज समेत विभिन्न अखाड़ों से जुड़े महामंडलेश्वर, संत और महात्मा मौजूद रहे।
संतों ने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा विषय आस्था और धार्मिक भावनाओं से संबंधित है। इसे लेकर संत समाज लंबे समय से अपनी बात रखता रहा है। कार्यक्रम में इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने तथा संत समाज के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
रविंद्र पुरी को राष्ट्रीय संरक्षक बनाए जाने की घोषणा के साथ ही संत समाज ने कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। संतों ने कहा कि आंदोलन से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मौजूद संतों ने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इससे जुड़े विषयों को लेकर संत समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस दौरान संतों ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर समाज को जागरूक करने तथा भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। रविंद्र पुरी को राष्ट्रीय संरक्षक बनाए जाने की घोषणा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है