मौके पर जुटी भीड़ (सोर्स- फोटो नवभारत)
प्रयागराज

अतीक के बेटे अली की सुरक्षा में सेंध! पुलिस काफिले के पीछे पहुंचा भाई अहजम, कौशांबी में रोकी गई गाड़ी

Prayagraj Court Hearing: अतीक के बेटे अली को 30 लाख रुपये रंगदारी-जमीन कब्जाने के मामले में प्रयागराज कोर्ट में पेश किया गया। कौशांबी में पुलिस काफिले के पीछे चल रही संदिग्ध गाड़ी को रोककर जांच की गई।

ओमप्रकाश सिंह परिहार, स्निग्धा श्रीवास्तव

Ali Ahmed Prayagraj Court Hearing: झांसी जेल से प्रयागराज अदालत में पेशी के लिए लाए जा रहे अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की सुरक्षा को लेकर कौशांबी में पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से अली को प्रयागराज लाया जा रहा था। इसी दौरान सैनी क्षेत्र में पुलिस काफिले के पीछे एक संदिग्ध गाड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम ने सतर्कता बरतते हुए गाड़ी को रुकवाकर जांच की तो उसमें अली का भाई अहजम बैठा मिला। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और गाड़ी की तलाशी ली। पूछताछ के बाद पुलिस ने अहजम को काफिले के साथ आगे नहीं बढ़ने की सख्त हिदायत दी।

गोपनीय रखी गई थी अली को प्रयागराज लाने की सूचना

अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज लाए जाने को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सड़क मार्ग से लाए जाने वाले काफिले की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों की कई टीमें लगाई गई थीं। अली को प्रयागराज लाए जाने की सूचना भी गोपनीय रखी गई थी। इसके बावजूद उसके भाई अहजम को इसकी जानकारी हो गई और वह अपनी गाड़ी लेकर पुलिस काफिले के पीछे चलने लगा।

कौशांबी में पुलिसकर्मियों की नजर जब काफिले के पीछे लगातार चल रही गाड़ी पर पड़ी तो उसे संदिग्ध मानकर रोका गया। जांच के दौरान गाड़ी में अहजम के मौजूद होने की जानकारी हुई। पुलिस ने उससे काफिले के पीछे आने का कारण पूछा और वाहन की तलाशी भी ली। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे स्पष्ट रूप से काफिले से दूरी बनाए रखने के लिए कहा। इसके बाद अली को लेकर पुलिस टीम प्रयागराज के लिए रवाना हुई।

30 लाख की रंगदारी के मामले में अदालत में पेशी

अली अहमद को प्रयागराज जिला न्यायालय में करेली थाने में दर्ज जमीन कब्जाने के प्रयास और 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पेश किया गया। अदालत में तैयार प्रश्नावली के आधार पर अली से सात सवाल पूछे गए और उसका पक्ष जाना गया। इस मामले में असद कालिया भी आरोपी है। अदालत की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद रहे।

अदालत में अली का बयान दर्ज होने के बाद मामले में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। अगली तारीख पर गवाहों की मौजूदगी और आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा का कड़ा घेरा

अली की पेशी को देखते हुए जिला न्यायालय परिसर और आसपास भी पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पुलिसकर्मियों ने कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी। अली से मिलने के लिए उसके समर्थकों की भीड़ जुटने लगी तो पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करते हुए अली को सुरक्षित तरीके से अदालत से बाहर निकाला। न्यायिक कार्यवाही पूरी होने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच वापस झांसी जेल ले जाया गया।

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