श्रमिक आंदोलन नोएडा (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

नोएडा में रातोंरात बने हजारों व्हाट्सएप ग्रुप, ऐसे भड़काई गई 42,000 लोगों की भीड़, जांच में सनसनीखेज खुलासे

Noida Violence: नोएडा हिंसा की जांच में व्हाट्सएप और QR कोड के जरिए भीड़ जुटाने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में बाहरी लोग शामिल थे। अब तक 300 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं।

अर्पित शुक्ला

Noida Violence Investigation: दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में पिछले दिनों हुई हिंसा को लेकर पुलिस की जांच में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिसे अब तक 'मजदूर आंदोलन' समझा जा रहा था, वह दरअसल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हिंसा भड़काने के लिए हजारों लोगों को रातोंरात व्हाट्सएप ग्रुप्स में QR कोड के जरिए जोड़ा गया।

चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदर्शन की आड़ में तोड़फोड़ करने वाले कई लोग असल में श्रमिक थे ही नहीं। सेक्टर-62 और 63 को दहलाने वाली इस भीड़ के पीछे कौन से 'अदृश्य हाथ' काम कर रहे थे, अब पुलिस इसकी डिजिटल कुंडली खंगाल रही है।

जांच में हुए कई बड़े खुलासे

नोएडा में हुए हालिया हिंसक प्रदर्शनों को लेकर जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक सामान्य मजदूर आंदोलन नहीं थी, बल्कि इसे संगठित तरीके से भड़काने और फैलाने की कोशिश की गई। जांच के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल कई लोग वास्तव में श्रमिक नहीं थे। भीड़ को इकट्ठा करने और हिंसा भड़काने के लिए बड़े पैमाने पर व्हाट्सएप ग्रुप्स का इस्तेमाल किया गया। इन ग्रुप्स में लोगों को QR कोड के जरिए जोड़ा गया और बहुत तेजी से हजारों लोग रातोंरात इनसे जुड़े।

बनाए गए थे कई व्हाट्सएप ग्रुप

सूत्रों के मुताबिक, “मजदूर आंदोलन” नाम के एक ग्रुप समेत कई अन्य ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें लगातार भड़काऊ संदेश, अफवाहें और गलत जानकारी साझा की जा रही थी। इनका उद्देश्य भीड़ को उकसाना और विरोध को अधिक आक्रामक बनाना बताया जा रहा है। यूपी पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में इन ग्रुप्स और संदेशों के सबूत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन ग्रुप्स को कौन ऑपरेट कर रहा था और इसके पीछे कौन लोग या संगठन सक्रिय हैं।

7 थानों में एफआईआर, 300 से अधिक डिटेन

हिंसा के दौरान नोएडा सेक्टर-63 और सेक्टर-62 जैसे इलाकों में तोड़फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। प्रशासन के अनुसार, पूरे मामले में 80 से अधिक स्थानों पर उपद्रव की घटनाएं दर्ज की गईं और करीब 42,000 लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। 7 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल नेटवर्क की भी जांच कर रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों और भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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