मरीजों का हाल जानते पुलिस अधिकारी, फोटो- सोशल मीडिया 
उत्तर प्रदेश

नोएडा की फैक्ट्री में आग का तांडव: 250 जिंदगियों पर गहराया संकट, मची भारी भगदड़

Noida factory Fire: नोएडा के सेक्टर-4 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री में गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से 32 कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए, जबकि रात की शिफ्ट में काम कर रहे 250 लोग बाल-बाल बचे।

प्रतीक पाण्डेय

Noida Fire Incident: गुरुवार की सुबह नोएडा के सेक्टर-4 इलाके में एक इलेक्ट्रॉनिक मीटर बनाने वाली फैक्ट्री से उठते काले धुएं ने सबका दिल दहला दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई।

गुरुवार की सुबह फैक्ट्री के अंदर करीब 200 से 250 कर्मचारी अपनी नाइट शिफ्ट खत्म करने ही वाले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि सुबह का उजाला उनके लिए ऐसी खौफनाक खबर लेकर आएगा। धुएं के गुबार और आग की लपटों के बीच मची चीख-पुकार ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।

नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे 250 लोग, धुएं से घुटने लगा दम

आग लगते ही पूरी फैक्ट्री में जहरीला धुआं भर गया, जिससे वहां काम कर रहे लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। परिसर में धुआं इतनी तेजी से फैला कि कर्मचारियों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं सूझ रहा था। इसी अफरातफरी के बीच जान बचाने के लिए मची भगदड़ में कई लोग आपस में टकराकर और गिरकर घायल हो गए। अब तक करीब 32 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है, जबकि अन्य का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है।

खिड़कियां तोड़कर निकाले गए कर्मचारी, 30 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

हादसे की खबर मिलते ही दमकल विभाग की टीमें हरकत में आईं और मौके पर 30 से ज्यादा फायर टेंडर, फोम टेंडर और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भेजे गए। फैक्ट्री के भीतर धुआं इतना ज्यादा था कि अंदर जाना किसी चुनौती से कम नहीं था, इसलिए दमकल कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए फैक्ट्री की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। खिड़कियां टूटने के बाद वहां फंसे कर्मचारियों को अलग-अलग जगहों से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दमकल विभाग की तत्परता की वजह से समय रहते कई लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

ज्वाइंट सीपी ने जाना घायलों का हाल, शुरू हुई आग की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा खुद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां डॉक्टरों से मिलकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पुलिस और प्रशासन की टीम अब फैक्ट्री मालिक और वहां के कर्मचारियों के संपर्क में है ताकि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल राहत की बात यह है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी भर्ती लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

आखिर कैसे लगी फैक्ट्री में इतनी भीषण आग?

आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है, लेकिन दमकल विभाग द्वारा कूलिंग का काम अब भी जारी है ताकि आग दोबारा न भड़के। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर आग लगने की असली वजह क्या थी। क्या यह शॉर्ट सर्किट का मामला था या सुरक्षा मानकों में कोई बड़ी अनदेखी की गई थी? फैक्ट्री के अंदर फिलहाल किसी और के फंसे होने की आशंका नहीं है।

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