Student Dies In School Bathroom: जनपद मेरठ के मवाना थानाक्षेत्र से हैरान करने वाली घटना सामने आई है। स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। सभी बच्चे बाहर आ गए थे। लेकिन, एक बच्चा स्कूल से बाहर नहीं आया। जिसका वेट उसका भाई और रिक्शावाला कर रहा था। लेकिन, जब काफी देर बाद भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं आया तो सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे का भाई उसे ढूंढने अंदर गया।
लेकिन जब उसने वॉशरूम चेक किया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। वॉशरूम के अंदर उसका भाई बेसूध होकर पड़ा हुआ था। इस बात की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया जा रहा है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर मात्र 13 साल की उम्र में हृदय गति रुकने से मासूम कुणाल की मौत कैसे हो सकती है। इस बात पर डॉक्टर भी मौन है। उनका कहना है कि बेहद कम केसेस में यह देखा जाता है कि किसी छोटे बच्चों की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। वहीं, इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
दरअसल, यह पूरा मामला मवाना स्थित बसंत वैली पब्लिक स्कूल का है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र कुणाल शर्मा की स्कूल के बाथरूम में अचानक मौत हो गई। दोपहर में छुट्टी के बाद जब बच्चा बाहर नहीं आया, तब खोजबीन के दौरान वह वॉशरूम के फर्श पर बेसुध पड़ा मिला। मवाना के मोहल्ला काबिली गेट निवासी धर्मेंद्र शर्मा का 13 वर्षीय बेटा कुणाल शर्मा बसंत वैली पब्लिक स्कूल में कक्षा 7 का छात्र था।
वह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। रोज की तरह सोमवार को भी वह ई-रिक्शा से स्कूल गया था। दोपहर करीब 2:15 बजे स्कूल की छुट्टी होने पर बाकी बच्चे बाहर आकर ई-रिक्शा में बैठ गए, लेकिन कुणाल नहीं पहुंचा। लगभग 15 मिनट इंतजार करने के बाद कुणाल का भाई खुद स्कूल के भीतर गया। क्लासरूम में कुणाल के न मिलने पर एक छात्र ने बताया कि वह वॉशरूम गया था। जब उसका भाई वॉशरूम के पास पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने और खटखटाने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर से देखने पर कुणाल जमीन पर बेसुध पड़ा मिला।
इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला गया, उस समय उसकी सांसें थम चुकी थी। बताया जा रहा है कि कक्षा 7 का छात्र कुणाल काफी एक्टिव था। उसने दोपहर में प्रॉपर लंच किया था और उसे कोई शारीरिक दिक्कत नहीं दिख रही थी। छुट्टी से ठीक पहले वह वॉशरूम गया था। जब वह बाहर नहीं आया और अंदर से कुंडी लगी थी, तो हमने दरवाजा खुलवाया। उसे तुरंत डॉक्टरों के पास ले जाया गया और उसके माता-पिता को सूचित किया गया।
मौत की वजह क्या-डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में मौत की वजह साइलेंट हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है। घटना की जानकारी मिलते ही पिता धर्मेंद्र शर्मा स्कूल पहुंचे। परिजन बच्चे को तुरंत मवाना के दो स्थानीय निजी डॉक्टरों (डॉ. एमडी शर्मा और डॉ. अनिल खन्ना) के पास ले गए, जिन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कहा कि मेरा बेटा रोजाना की तरह सुबह हंसते-खेलते स्कूल गया था। उसे पहले कभी दिल या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बीमारी नहीं रही। स्कूल से फोन आया कि बच्चा गिर गया है। जब हम डॉक्टर के पास पहुंचे, तो उन्होंने मृत घोषित कर दिया। समझ नहीं आ रहा कि अचानक टॉयलेट में टॉयलेट करते समय ऐसा क्या हुआ जो उसका हार्ट फेल हो गया
हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ विनीत का कहना है कि बच्चों में कार्डियक अरेस्ट की घटना काफी दुर्लभ होती है। हालांकि, कई बार बच्चों के दिल में जन्मजात सूक्ष्म छेद या कोई छिपी हुई बीमारी होती है, जिसका सामान्य स्थिति में पता नहीं चल पाता। ऐसे में अगर बच्चा दौड़ता है या कोई शारीरिक मेहनत करता है, तो दिल तेजी से पंप करने लगता है जो अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है। बच्चों का समय-समय पर रूटीन चेकअप कराना चाहिए।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर और बच्चे के घर पहुंची। थाना पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी चाही। हालांकि, परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने और किसी भी प्रकार की पुलिसिया या कानूनी कार्रवाई कराने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा व अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। 13 साल के कुणाल की अचानक हुई इस मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मां अनीता और पिता धर्मेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ी बहन साक्षी और छोटे भाई संचित भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहे है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा शोक है।