Vrindavan Free From Meat And Alcohol: धर्मनगरी वृन्दावन में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त बताते हुए श्रीकृष्ण को अपना पति मानने वाली इंदुलेखा देवी शृंगार घाट पर यमुना नदी में जलसमाधि लेने पहुंच गईं। सूचना मिलते ही वृन्दावन कोतवाली प्रभारी संजय कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर उन्हें सुरक्षित यमुना से बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षित बाहर लाए जाने के बाद इंदुलेखा देवी ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन कोतवाली प्रभारी को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने संपूर्ण ब्रज क्षेत्र को मांस, मदिरा और अंडा मुक्त घोषित करने की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में इंदुलेखा देवी ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से वृन्दावन में रह रही हैं। उनके अनुसार, जिस पावन भूमि पर भगवान श्रीराधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएं हुईं, वहां मांस और मदिरा का खुलेआम प्रचलन उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने कहा कि इसी पीड़ा के कारण वह यमुना महारानी की शरण में जलसमाधि लेने पहुंची थीं।
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इंदुलेखा देवी ने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले कई बड़े संत एवं कथावाचक वृन्दावन में कथा-भागवत कर आर्थिक लाभ अर्जित करते हैं, लेकिन ब्रज को मांस-मदिरा मुक्त बनाने जैसे मुद्दों पर कभी मुखर नहीं होते। उन्होंने कहा कि ब्रज की धार्मिक गरिमा और पवित्रता की रक्षा के लिए सभी संतों और समाज को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।
घटना के दौरान पुलिस की सतर्कता से किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित भेज दिया।