भूख हड़ताल पर बैठा रोहिल (सोर्स- फोटो नवभारत)
मथुरा

ब्रज को मांस-मदिरा मुक्त कराने की मांग लेकर 10 दिन से भूख हड़ताल, वृंदावन पहुंचे रोहित को संतों ने दिया समर्थन

Braj Bhoomi Meat Free Demand: मथुरा-वृंदावन को मांस और मदिरा मुक्त कराने की मांग को लेकर रोहित करीब 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद वृंदावन पहुंचकर आंदोलन के समर्थन में जुटे लोग

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

Mathura Vrindavan Meat Liquor Ban: मथुरा ब्रजभूमि को मांस और मदिरा मुक्त कराने की मांग को लेकर टप्पल निवासी रोहित का आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है। ब्रजभूमि को मांस-मदिरा मुक्त कराने की मांग को लेकर रोहित हरिद्वार से कांवड़ लेकर वृंदावन पहुंचा और यमुना वाराह घाट के समीप परिक्रमा मार्ग पर धरना शुरू कर दिया।

अपनी मांग के समर्थन में वह पिछले करीब 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा है। लगातार भूख हड़ताल के चलते गुरुवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिससे धरना स्थल पर मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई।

रोहित के समर्थन में पहुंचे कई राज्यों के लोग

रोहित की तबीयत बिगड़ने की सूचना जैसे ही विभिन्न स्थानों पर पहुंची, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, हरियाणा और पंजाब सहित कई क्षेत्रों से लोग वृंदावन पहुंचने लगे। लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर रोहित की मांग का समर्थन किया और ब्रज क्षेत्र में मांस एवं मदिरा की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग उठाई।

आंदोलन को उस समय और समर्थन मिला, जब चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे रोहित से मुलाकात की और उसके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि है। ऐसे में यहां धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की मांग की।

ब्रज की धार्मिक पहचान को देखते हुए मांस और शराब पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए

धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन पर मांस और मदिरा विक्रेताओं को कथित संरक्षण देने के गंभीर आरोप भी लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा मथुरा-वृंदावन को तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर मांस और शराब की बिक्री की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि ब्रज की धार्मिक पहचान को देखते हुए इस पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मांस की बिक्री और आपूर्ति अलग-अलग माध्यमों से जारी है। उनका दावा है कि पैकिंग के जरिए तथा ऑनलाइन डिलीवरी के माध्यम से भी मांस की आपूर्ति किए जाने की शिकायतें मिलती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मांस बिक्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इसी बीच गुरुवार सुबह वृंदावन क्षेत्र से मांस बिक्री से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा भी सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

धरना स्थल पर मौजूद सनातनी लोगों का कहना है कि ब्रजभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए मांस और मदिरा की बिक्री पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल रोहित का नहीं, बल्कि ब्रज की धार्मिक मर्यादा और पहचान से जुड़ा विषय है।

रोहित की तबीयत लगातार खराब होने के बीच अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

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