Sri Krishna Janmabhoomi Mathura: श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच सुलह वार्ता हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में आयोजित इस वार्ता में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि और पक्षकार शामिल हुए। करीब आधे घंटे से पौन घंटे तक चली बैठक में दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में अपनी-अपनी बात रखी।
सुलह वार्ता के दौरान दोनों पक्षों की ओर से विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। पक्षकारों ने अपने-अपने तर्क और साक्ष्य सामने रखे और दूसरे पक्ष की बात को भी सुना। बैठक का उद्देश्य लंबे समय से न्यायालय में चल रहे विवाद को आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से सुलझाने की संभावनाओं पर विचार करना रहा।
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा। हालांकि, अभी किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई है। सुलह प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अगली बैठक की तारीख 18 अगस्त निर्धारित की गई है। अब दोनों पक्ष 18 अगस्त को फिर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर बातचीत को आगे बढ़ाएंगे।
सुलह वार्ता को लेकर अदालत की ओर से दोनों पक्षों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुलहनामा अंतिम चरण तक पहुंचने तक मीडिया से दूरी बनाए रखने और किसी प्रकार की सार्वजनिक बयानबाजी से बचने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे उद्देश्य सुलह प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में आगे बढ़ाना बताया गया है।
बताया गया कि मुस्लिम पक्ष की ओर से भी अदालत में मीडिया बयानबाजी से दूर रहने की गुहार लगाई गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों को मीडिया के समक्ष किसी तरह की टिप्पणी नहीं करने के निर्देश दिए गए। अदालत की ओर से कहा गया कि जब तक सुलह प्रक्रिया अंतिम चरण तक नहीं पहुंचती, तब तक इस संबंध में सार्वजनिक बयानबाजी से बचना उचित होगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद मथुरा का लंबे समय से चला आ रहा महत्वपूर्ण न्यायिक मामला है। विवाद को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अदालत में अलग-अलग दावे और तर्क प्रस्तुत किए जाते रहे हैं। मामले की सुनवाई न्यायालयों में चल रही है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में दोनों पक्षों के बीच सुलह वार्ता की प्रक्रिया शुरू हुई है।
शुक्रवार को हुई पहली बैठक के बाद अब 18 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगली बैठक में दोनों पक्ष पिछली बातचीत के बिंदुओं को आगे बढ़ाते हुए आपसी सहमति की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। फिलहाल दोनों पक्षों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश कोर्ट ने दिये जाने के चलते वार्ता से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अब सभी की नजर 18 अगस्त को होने वाली अगली सुलह वार्ता पर है। इस बैठक में बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या दोनों पक्ष किसी साझा सहमति की ओर कदम बढ़ाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।