मथुरा में सफाईकर्मियों का हड़ताल सोर्स- सोशल मीडिया
मथुरा

मथुरा में तीसरे दिन भी जारी रहा हड़ताल, सड़क किनारे इकट्ठा हुआ कूड़ा; वृंदावन के कर्मचारियों का भी मिला समर्थन

Mathura Sanitation Workers Strike: मथुरा में वेतन न मिलने से सफाईकर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल में वृंदावन के कर्मचारियों का भी समर्थन मिलने से सड़कों पर कूड़े का अंबार लग गया।

मोहन श्याम शर्मा, अमन मौर्या

Mathura Vrindavan Garbage Crisis: मथुरा में समय से वेतन नहीं मिलने से नाराज नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। वेतन भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी सुबह से ही काम बंद कर नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। कई इलाकों में कूड़ा उठान नहीं होने के कारण सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं।

हड़ताल के तीसरे दिन आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब वृंदावन के सफाई कर्मचारियों ने भी मथुरा के कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए काम बंद कर दिया। दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर जाने से नगर निगम प्रशासन के सामने शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखना चुनौती बन गया है।

समय से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, वेतन भुगतान को लेकर कई बार अधिकारियों और प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए गए, लेकिन निर्धारित समय पर भुगतान नहीं हुआ। इसके चलते कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने कहा कि वे नियमित रूप से शहर की सफाई व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें समय से वेतन नहीं मिलेगा तो परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई, बिजली-पानी के बिल और अन्य जरूरी खर्च वेतन पर ही निर्भर हैं। कई कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में देरी के कारण उन्हें उधार लेकर परिवार का खर्च चलाना पड़ रहा है।

‘वेतन मिलने तक काम नहीं’

मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिलता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आंदोलन को मजबूरन शुरू करना पड़ा है।

यूनियन अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उनका कहना है कि कर्मचारी अपनी मांग को लेकर एकजुट हैं और किसी भी दबाव में आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

शहर में बढ़ने लगा कूड़ा

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। नियमित रूप से होने वाला कूड़ा उठान प्रभावित होने के कारण कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों के किनारे कूड़ा जमा होने लगा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर बढ़ने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो शहर में सफाई व्यवस्था की स्थिति और खराब होने की आशंका है। कूड़ा जमा होने से दुर्गंध के साथ-साथ लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो सकती है। स्थानीय लोगों ने मथुरा नगर निगम प्रशासन से कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान कर हड़ताल समाप्त कराने की मांग की है।

वृंदावन में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका

वृंदावन के सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वृंदावन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर श्रद्धालुओं पर भी पड़ सकता है।

अब नगर निगम प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या का समाधान कर हड़ताल खत्म कराना है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन लंबा खिंचता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल तीसरे दिन भी कर्मचारी धरने पर डटे हैं और वेतन भुगतान की मांग पर अड़े हुए हैं।

सरकार का दबाव, कॉलेजियम में मतभेद और जजों की नियुक्ति…जस्टिस कौल की किताब में चंद्रचूड़ को लेकर क्या दावा?

BJP-RSS को पवन खेड़ा ने घेरा, लगाया खरगे के अपमान का आरोप; बोले-देश सब देख रहा है

चक्रवाती तूफान मचा सकता तबाही, आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने सतर्क रहने की दी सलाह

खरगे के मोदी का बाप भी जाएगा बयान पर भड़के अमित शाह, कहा- राहुल के नेतृत्व में रोज अभद्रता हो रही

कर्नाटक स्टिंग विवाद: CM डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच बढ़ा टकराव, कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज