मथुरा जंक्शन पर उर्दू भाषा में साइन बोर्ड पर विवाद सोर्स- नवभारत लाइव
मथुरा

अगली बार आऊं तो उर्दू में न दिखे नाम...मथुरा जंक्शन के साइन बोर्ड की भाषा पर बवाल, जानें क्या है पूरा मामला

Mathura Railway Station Urdu Name News: मथुरा जंक्शन पर उर्दू भाषा में साइन बोर्ड को लेकर विवाद तेज हो गया। हिंदुवादी कार्यकर्ताओं ने सीएम योगी से नाम हटवाने की मांग उठाई।

मोहन श्याम शर्मा, अमन मौर्या

Mathura Junction Urdu Name Board Controversy: मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर लगे नाम बोर्ड में उर्दू भाषा में स्टेशन का नाम अंकित होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्टेशन परिसर में एक व्यक्ति ने बोर्ड पर उर्दू में लिखे स्टेशन के नाम पर आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसे हटवाने की मांग की। इस दौरान उसके साथ मौजूद लोगों ने भी धार्मिक नारे लगाए।

सीएम योगी से की बड़ी अपील

मुख्यमंत्री से अपील करते हुए युवक ने कहा कि मथुरा जंक्शन के बोर्ड पर उर्दू में स्टेशन का नाम लिखा गया है। उसका कहना है कि उर्दू को देश की भाषा नहीं माना जाता, इसलिए रेलवे और प्रदेश सरकार को बोर्ड से उर्दू में लिखे नाम को हटाना चाहिए। उसका कहना है कि अगली बार जब वह मथुरा आए तो स्टेशन के बोर्ड पर उर्दू में लिखा नाम नहीं होना चाहिए।

इसी दौरान उसके साथ मौजूद लोगों ने स्टेशन परिसर में धार्मिक नारे भी लगाए। “अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है” और “कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” जैसे नारे लगाए गए।

विश्व हिंदू परिषद का सदस्य है युवक

उर्दू पर सवाल उठाने वाले व्यक्ति की पहचान गौतम रावरिया के रूप में बताई जा रही है। उन्हें विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से जुड़े महाराष्ट्र के हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता के तौर पर बताया जा रहा है। हालांकि, उनके संगठनात्मक पद और उनसे जुड़े अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आठवीं अनुसूची में शामिल है उर्दू भाषा

वहीं, उर्दू भाषा को लेकर किए जा रहे दावों के बीच संवैधानिक तथ्य भी महत्वपूर्ण है। भारत के संविधान में किसी भी भाषा को “राष्ट्रीय भाषा” का दर्जा प्राप्त नहीं है। हिंदी संघ की राजभाषा है, जबकि उर्दू संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार स्टेशन के नाम अलग-अलग भाषाओं में प्रदर्शित किए जाते हैं।

धार्मिक नगरी में भाषा को लेकर छिड़ी नई बहस

धार्मिक नगरी मथुरा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन के नाम बोर्ड से जुड़ा यह वीडियो भाषा, धार्मिक पहचान और सार्वजनिक स्थलों पर भाषा के इस्तेमाल को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।

प्रशासन के रुख पर टिकी निगाहें

खबर बाहर आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक रेलवे, जिला प्रशासन अथवा पुलिस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि रेलवे और प्रशासन इस विवाद को लेकर क्या रुख अपनाता है।

Delhi CJP Protest: दिनभर बंद रही दिल्ली, 10 बजे के बाद बंद 45 मेट्रो स्टेशन बहाल; कल फिर कूच का ऐलान

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता, भारत से तत्काल रिहाई की अपील

उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, चार दिनों में दूसरी बार डोली धरती

रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करेगी CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन का ऐलान

CJP के जंतर-मंतर कूच से थमी दिल्ली, हजारों लोग हिरासत में, देखें दिनभर की तस्वीरें