Govardhan Cyber Fraud Arrest: गोवर्धन थाना पुलिस ने टटलूबाजी के जरिए साइबर फ्रॉड करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रीयलमी कंपनी का एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और तीन फर्जी एवं कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस की जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से जुड़े आईएमईआई नंबर के खिलाफ देशभर में कुल 79 ऑनलाइन साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मोबाइल में कई बैंक खातों की जानकारी और साइबर फ्रॉड से संबंधित सामग्री भी मिली है।
पुलिस ने बताया कि थाना पुलिस टीम को 30 अगस्त गोवर्धन पुलिस टीम को 30 अगस्त 2026 को मुखबिर से साइबर फ्रॉड करने वाले आरोपी के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नीमगांव बाईपास रोड पर सकरवा कट के पास घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसकी पहचान मोहम्मद शकील पुत्र आलम, निवासी मडौरा, थाना गोवर्धन, जनपद मथुरा, उम्र करीब 23 वर्ष के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रीयलमी कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और तीन फर्जी कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें विभिन्न बैंक खातों से संबंधित जानकारी मिली। इसके अलावा मोबाइल में साइबर फ्रॉड से जुड़ी सामग्री भी पाई गई।
पुलिस ने साइबर अपराध के संबंध में मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई तो उसके आईएमईआई नंबर के विरुद्ध कुल 79 ऑनलाइन साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इसके अतिरिक्त मोबाइल में सेव बैंक खातों से भी साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतें मिलने की बात पुलिस ने कही है। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ठगी की गतिविधियों को अंजाम देता था।
मामले में थाना गोवर्धन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 441/2026 दर्ज किया है। मुकदमा धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा धारा 66C और 66D आईटी एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस बरामद मोबाइल और उसमें मिली जानकारियों के आधार पर साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों और खातों की भी जांच कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराध के मामलों में फर्जी पहचान पत्र, बैंक खातों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाती है।
आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक चौधरी सतेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल 456 संजीव कुमार, कांस्टेबल 3066 प्रीत कुमार, कांस्टेबल 3067 राहुल बाल्यान और कांस्टेबल 55 सचिन शर्मा शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।