आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (सोर्स- फोटो नवभारत)
मथुरा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि में प्रस्तावित कारसेवा को लेकर पुलिस जांच शुरू, आशुतोष ब्रह्मचारी का बयान होगा दर्ज

Krishna Janmabhoomi Row: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में प्रस्तावित कारसेवा व सभा को लेकर की गई शिकायत की पुलिस जांच शुरू हो गई है। याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का बयान दर्ज किया जाएगा।

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

Krishna Janmabhoomi Movement Police Investigation: श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में प्रस्तावित कारसेवा, सभा और अन्य कार्यक्रमों को लेकर की गई शिकायत के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मूल वाद संख्या 04/2023 के याचिकाकर्ता एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट, मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को पुलिस ने अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।

जानकारी के अनुसार आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 28 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा, जनपद मथुरा को प्रार्थना-पत्र देकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से संबंधित प्रस्तावित कारसेवा, कार्यक्रम, सभा, घोषणाओं और प्रचार-प्रसार को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। अब इस शिकायत की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।

पुलिस उपाधीक्षक, सुरक्षा, केजेएस/एसआईएम, मथुरा की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि शिकायत की जांच की जा रही है और प्रार्थी का कथन दर्ज किया जाना आवश्यक है। पत्र के माध्यम से आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को पत्र प्राप्त होने के दो दिन के भीतर श्रीकृष्ण जन्मस्थान/शाही ईदगाह मस्जिद परिसर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आख्या समय से उच्चाधिकारियों को भेजे जाने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है।

9 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जताई थी आशंका

जानकारी के अनुसार आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपने 28 जुलाई के प्रार्थना-पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 जुलाई 2026 के आदेश का उल्लेख करते हुए 9 अगस्त 2026 को प्रस्तावित कारसेवा, सभा और अन्य गतिविधियों को लेकर प्रशासन के समक्ष आशंका व्यक्त की थी।

उन्होंने मांग की थी कि विवादित संपत्ति पर किसी व्यक्ति या समूह द्वारा ऐसी सभा, बैठक, कारसेवा अथवा अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाए, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो। साथ ही कथित प्रचार-प्रसार और घोषणाओं की जांच कर, आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के आदेश का भी किया गया उल्लेख

बता दें कि इसमें 17 जुलाई 2026 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया गया है। इसमें आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र संख्या 152ग-2 का जिक्र है। बताया गया है कि प्रार्थना-पत्र में विवादित संपत्ति पर सभा, बैठक, कारसेवा अथवा अन्य कार्यक्रम के संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

आदेश के तहत जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा से सीलबंद रिपोर्ट भी तलब की गई थी तथा आदेश की प्रति अनुपालन के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया गया था।

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि उन्होंने प्रस्तावित कारसेवा और अन्य कार्यक्रमों के संबंध में प्रशासन को समय रहते अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में वह पूरा सहयोग करेंगे और कारसेवा संबंधी घोषणाओं, प्रचार-प्रसार तथा उपलब्ध अन्य सामग्री जांच अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों के सम्मान के साथ कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।

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