Highlights:
परिवार की मांगों पर बनी सहमति
माँ को नगर निगम में नौकरी और बेटी की पढ़ाई निःशुल्क
सआदतगंज हत्याकांड में 4 घंटे 30 मिनट तक घर में रखे रहे शव
आश्वासन के बाद निकली अंतिम यात्रा
Brajesh Pathak Statement In Lucknow Triple Murder Case: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में तीन लोगों की हत्या के बाद परिजनों का गुस्सा शांत कराने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शवों को उठाने की अनुमति दी। करीब 4 घंटा 30 मिनट तक घर पर ही शव रखे रहे। बाद में तीनों की अंतिम यात्रा निकाली गई। गुलाला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मृतकों की अर्थियों को कंधा दिया। उन्होंने शिवेंद्र तिवारी की बेटी को निशुल्क शिक्षा और पत्नी रुचि तिवारी को नगर निगम में OSD के पद पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। परिवार को सुरक्षा मिलेगी। सुरक्षा के
परिवार को सरकारी नौकरी, बच्ची की मुफ्त पढ़ाई और सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार उपलब्ध कराने की बात कही।
पोस्टमॉर्टम के बाद जब पिता, बेटे और भाई के शव घर पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान मृतक की पत्नी और अन्य परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार की महिलाओं ने कहा कि इस घटना ने उनका पूरा परिवार उजाड़ दिया है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
दोपहर करीब तीन बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर समेत जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
इस मामले में पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई की है। घटना के बाद संबंधित इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था।
परिजनों से करीब तीन घंटे तक बातचीत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने परिवार को सहायता और सुरक्षा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि मृतक की बेटी को मुफ्त शिक्षा दिलाई जाएगी। परिवार की महिला सदस्य रुचि तिवारी को नगर निगम में ओएसडी का पद देने का आश्वासन भी दिया गया। इसके साथ ही परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने और लाइसेंसी हथियार देने की बात कही गई।
परिवार की ओर से दोनों प्रभावित परिवारों के लिए आजीवन पुलिस सुरक्षा, महिलाओं को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और बच्ची की पढ़ाई का खर्च उठाने जैसी मांगें रखी गई थीं। इसके अलावा आरोपियों के घरों में अवैध कब्जे और निर्माण की जांच कर बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
लखनऊ के सआदतगंज स्थित ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि ऋषभ शुक्ला ने गोली मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी।
मृतकों में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी शामिल थे। शिवाजी तिवारी सचिवालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जिला सह कार्यवाह की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।
रिपोर्ट- ईशांक दीक्षित