अपनी जनता पार्टी प्रमुख ने अस्पतालों में सुविधाओं की कमी का आरोप
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मौर्य ने सरकार को घेरा
कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
आरक्षण के मुद्दे पर को बनाया जा रहा प्रभावहीन: स्वामी प्रसाद मौर्या
Swami Prasad Maurya PC Lucknow: अपनी जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लखनऊ में प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म की दुहाई देकर जनता से जुड़े असल मुद्दों को पीछे कर रही है। बेरोजगारी, सरकारी संस्थानों के निजीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
मौर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, गरीबों को बेहतर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है और सरकारी भर्तियों में भी मनमानी की जा रही है। उन्होंने आरक्षण, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और ईवीएम से चुनाव कराने को लेकर भी सरकार तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
मौर्य ने कहा बीजेपी सरकार की नीतियों के कारण युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों के अवसर कम किए गए और कई सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंप दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए मौर्य ने दावा किया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक प्राथमिक स्कूल बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और इसका असर आमजनों के बच्चों पर पड़ रहा है।
उन्होंने अपनी जनता पार्टी की ओर से किए गए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने विरोध के जरिए सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया। मौर्य ने शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बताते हुए सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की जरूरत पर जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मौर्य ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिलों में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और जरूरी मशीनें न होने से मरीजों को परेशानी होती है।
मौर्य ने कहा कि गरीब परिवारों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और कई लोगों की जान तक चली जाती है। उन्होंने गोरखपुर का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र में स्थित एम्स से भी मरीजों को दूसरे अस्पतालों में क्यों भेजा जा रहा है।
मौर्य ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराध की घटनाओं पर लगाम लगाने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद होने के बावजूद कई आरोपी गिरफ्तारी से बचे रहते हैं। मौर्य के मुताबिक, अपराधियों पर सख्ती दिखाने के बजाय सरकार उन्हें संरक्षण देने में जुटी हुई है।
ईवीएम को लेकर मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ईवीएम के दुरुपयोग करके चुनाव जीत रही है।
उन्होंने जापान और अमेरिका का उदाहरण देते हुए बैलेट पेपर से मतदान कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे मतदाताओं का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न हो।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे प्रभावहीन बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी पदों पर भर्तियों में पारदर्शिता की कमी है और बीजेपी तथा आरएसएस से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने मौजूदा सरकार पर संविधान की भावना के विपरीत काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर जनता के बुनियादी सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।