लखनऊ अग्निकांड को लेकर सीएम योगी का एक्शन (सौजन्य-IANS) 
लखनऊ

SIT करेगी लखनऊ अग्निकांड की जांच, सीएम योगी ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट; पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Lucknow Fire Incident CM Yogi Action: लखनऊ अग्निकांड पर सीएम योगी ने बड़ा एक्शन लेते हुए एसआईटी का गठन किया है। सीएम योगी ने दो सदस्यीय SIT का गठन कर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

प्रिया जैस

Lucknow Fire SIT Investigation: उत्तर प्रदेश में लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त कदम उठाए है। सीएम योगी आदित्यानाथ ने लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस अग्निकांड के सभी पहलुओं की जांच करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक की।

उन्होंने इस हादसे में लापरवाही और जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को सौंपी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 7 दिनों के अंदर एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।

इन पहलुओं पर जांच करेगी एसआईटी

  • क्या बिल्डिंग में पर्याप्त अग्निशमन सुविधाएं थीं।
  • बिल्डिंग के भीतर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन।
  • अग्नि सुरक्षा प्रबंधन और नियामक एजेंसियों की भूमिका।
  • संबंधित विभागों द्वारा लापरवाही; स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया।
  • आग की चेतावनी के बाद बचाव अभियान।
  • बिल्डिंग से निकासी और राहत कार्यों का संचालन।

लखनऊ पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

लखनऊ में आग लगने की घटना में लखनऊ पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषक कृष्ण जायसवाल और रामकृष्ण उपाध्याय शामिल है। तीनों को पूछताछ के लिए को अलीगंज पुलिस स्टेशन ले जाया गया है।

अलीगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में, छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धाराओं 110, 105, 125 और 3(5) तथा उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एक्ट की धाराओं 6/10 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की

आपको जानकारी दें, कि लखनऊ अग्निकांड की जानकारी मिलते ही सीएम योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और लखनऊ आकर खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे में घायल पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात भी की और गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।

देर शाम उन्होंने अग्निशमन, गृह, लखनऊ विकास प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दो सदस्यीय एसआइटी का गठन कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। जानकारी दें, कि मंगलवार को उन्हें हाथरस और आगरा पहुंचना था। हाथरस में 548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करना था। इसके बाद उन्हें आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक भी करनी थी।

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