Lucknow Slum Fire Ground Report: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर में 15 अप्रैल की शाम झुग्गी बस्ती की अग्निकांड ने सबकुछ राख कर दिया। अग्निकांड के पहले जहां बस्ती में बड़ी संख्या में झुग्गी झोपड़ी हुआ करते थे। अब वहीं हर तरफ बिखरी राख और झुग्गी के जले हुए सामान हैं। जोकि अभी भी उस अग्निकांड वाली भयावह रात की गवाही दे रहे हैं। यहां की हवा में जलेपन की गंध आपको अभी भी महसूस हो जाएगी। अग्निकांड के बाद खंडहर बने गरीबों के घरों के बीच खेलते हुए बच्चों की आंखों में उम्मीद, डर आसानी से दिख जाएंगे। इन बच्चों के हाथ में जहां पहले किताबं थीं, लेकिन आज राख के ढेर हैं।
बस्ती में रहने वाली एक छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जले हुए आशियाने के पास बैठकर पढ़ने की कोशिश कर रही थीं। बच्ची की किताबें अग्निकांड में जलकर राख हो गई हैं। कोई अंजान व्यक्ति ने बच्चियो को नई कॉपी, किताब और बैग दे गया। बच्ची ने बड़ी मासूमियत से अपनी कॉपी दिखाते हुए कहा- ये मेरी नई हिंदी की कॉपी है। अब मैं पढूंगी। बच्ची की आवाज में अग्निकांड के दर्द से ज्यादा दृढ़ता झलक रही थी। इस पर बच्ची के पास बैठी उसकी मां की आंखें भर आईं। उसकी मां कहती हैं कि घर तो फिर बन जाएगा लेकिन अगर पढ़ाई छूट गई तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच साल पहले ही उनके पति की मौत हो गई है। उसके बाद से ही वह घरों में काम करके जैसै-तैसे अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च देख रही हैं।
बस्ती में और भी बच्चे हैं। वो खेलते नहीं दिखे, बस अपने मां-बाप को चुपचाप निहारते रहते हैं। उनके परिजन किसी तरह बांस-तिरपाल से फिर से अपनी छत खड़ी करने में की कोशिश में जुटे हैं। इस दौरान उनके बच्चे भी उनकी सहायता करते दिखे। वहीं कुछ दूरी पर दो छोटी बच्ची और खड़ी दिखी। उसने बिना कुछ पूछे धीमी आवाज में कहा कि मेरा गुड़िया वाला डिब्बा भी जल गया। इतना कहकर वह चुप हो गई। शायद उसे अभी भी इस भयावह अग्निकांड वाली घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है।
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अग्निकांड पर हाईकोर्ट ने राजधानी लखनऊ के विकास नगर में 15 अप्रैल को हुए इस भयावह मामले में लोक निर्माण विभाग की जमीन के अतिक्रमण होने के मामले पर विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को जांच का आदेश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य के राहत आयुक्त को भी मामले की जांच का निर्देश दिया है। मामले पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षकार अफसरों को इस घटना के विवरण, कारण और राहत के उपायों की जानकारी के साथ 13 मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।