कानपुर नगर कमिश्नरेट (सोर्स: नवभारत लाइव)
कानपुर

कानपुर: प्रतिष्ठित सिंघानिया परिवार पर माफियाओं का कहर, नशा देकर बनाया बंधक, 100 करोड़ की जमीन हड़पी

Kanpur Crime News: प्रणवपत सिंघानिया ने आरोप लगाया है कि उन्हें नशीले इंजेक्शन देकर कई महीनों तक दो होटलों में बंधक बनाकर रखा गया और उनकी करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री जबरन कराई गई।

अभिनव श्रीवास्तव, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • 100 करोड़ रुपये की जमीन का सौदा 6.25 करोड़ रुपये में

  • चार नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

  • अन्य आरोपियों की तलाश जारी

Kanpur Singhania Family Terror Victim: देश के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार सिंघानिया परिवार पर माफियाओं का कहर सामने आया है। कानपुर में स्वरूप नगर थाने में प्रणवपत सिंघानिया की तहरीर पर चार नामजद और 12 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रणवपत सिंघानिया ने शिकायत की थी कि उसे नशे के इंजेक्शन देकर शहर के दो होटल में कई महीनो तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसकी करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री जबरन करा ली गई।

तीन आरोपी किए गए गिरफ्तार

शहर के इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी बिल्डर सुयश अस्थाना, बिल्डर बेबी मिश्रा और मेडिकल स्टोर संचालक रमित मिश्रा हैं।प्रणवपत सिंघानिया ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसको शहर के दो प्रतिष्ठित होटल रॉयल क्लिफ और रीजेंटा में कई महीनो तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार नशे के इंजेक्शन दिए गए। नशे के इंजेक्शन देकर नशे की हालत में फजलगंज स्थित राधा कुंज की उसकी करोड़ों की जमीन की जबरन रजिस्ट्री करा ली गई और एक अन्य पैतृक जमीन की भी रजिस्ट्री जबरन करा ली गई।

पुलिस को प्रार्थना पत्र मिलने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और इस पूरी शिकायत की जांच कराई जिसमें रजिस्ट्री करने वाले रजिस्ट्रार के बयान भी लिए गए। उन्होंने भी आशंका जताई कि प्रणवपत की हालत को देखकर संदेह हुआ था लेकिन आरोपी माफियाओं ने यह कह दिया था कि प्रणवपत की तबीयत खराब है। पुलिस ने जांच के बाद चार नामजद और 12 अज्ञात लोगों के विरुद्ध स्वरूप नगर थाने में मुकदमा पंजीकृत कर उपनिरीक्षक संकेत टोंगर को घटना की जांच दी है जिसमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।

100 करोड़ की जमीन हड़पी

सेंट्रल जोन के डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई की प्रणवपत की फजलगंज थाना क्षेत्र स्थित राधाकुंज की 100 करोड़ रुपए कीमत की जमीन का 6 करोड़ 25 लाख रुपए में सौदा किया गया और 2.5 करोड रुपए करोड़ प्रणव को बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए लेकिन यह पैसे भी प्रणव को प्राप्त नहीं हुए। इस दौरान प्रणव को आरोपियों द्वारा बंधक बनाकर रखा गया और उसके अकाउंट में पैसे देने के बाद पैसे निकाल लिए गए। यह जमीन रमित मिश्रा की बहन पूर्णिमा दीक्षित के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी। पूर्णिमा दीक्षित ने अपने दबंग साथियों के साथ इस जमीन पर कब्जा करने का कई बार प्रयास किया लेकिन असफल रही।

डीसीपी ने बताया कि प्रणव के चाचा शरदपत सिंघानिया के साथ भी इस गैंग ने मारपीट और रंगदारी वसूली थी। इसमें कानपुर बार एसोसिएशन का पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी भी शामिल था जिसके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मुकदमे की जांच में कानपुर पुलिस की पूछताछ में प्रणव ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया और पुलिस को लिखित शिकायत की। जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और सच्चाई सामने आने के बाद तीन को गिरफ्तार किया गया।

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