कानपुर पुलिस  (सोर्स- फोटो नवभारत)
कानपुर

कानपुर पुलिस का ऑपरेशन अलर्ट; महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ी सख्ती, ड्राइवर और कंडक्टर का होगा सत्यापन

Kanpur Police Operation Alert: कानपुर पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर ‘ऑपरेशन अलर्ट’ शुरू किया है। बस, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब चालकों-कंडक्टरों के सत्यापन के लिए 20 बिंदुओं का फॉर्म जारी किया गया है।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Kanpur Police Commissioner Raghuveer Lal: दिल्ली की घटना के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने महिला सुरक्षा को लेकर ‘ऑपरेशन अलर्ट’ शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देश पर सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज कर दी गई है।

कानपुर में बस, मिनी बस, लोकल बस, स्कूल बस, ई-रिक्शा, ऑटो और कैब संचालकों से जुड़े संगठनों और यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए पुलिस ने परिवहन संचालकों को 20 बिंदुओं वाला फॉर्म दिया है। इसमें चालक और कंडक्टर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी होंगी। सभी ऑपरेटरों को अपने चालक-कंडक्टर से फॉर्म भरवाकर 7 दिन के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

ड्राइवर और कंडक्टरों के होंगे सत्यापन

फॉर्म के साथ संबंधित थाने की पुलिस रिपोर्ट सत्यापन रिपोर्ट भी लगाई जाएगी। पुलिस का विशेष फोकस सार्वजनिक परिवहन में काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टरों के सत्यापन पर रहेगा।

बैठक में मैनपुरी की 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म की घटना का भी संदर्भ दिया गया। ऐसी घटनाओं को रोकने और महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक वाहनों पर रहेगी पुलिस की नजर

ऑपरेशन अलर्ट के तहत पुलिस की नजर खास तौर पर बस और अन्य सार्वजनिक वाहनों पर रहेगी। परिवहन संगठनों से जुड़े लोगों को भी अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि चालक-कंडक्टरों का सत्यापन, उनकी जानकारी और संबंधित दस्तावेजों की जांच को गंभीरता से लिया जाएगा।

निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी बैठक तीन चरणों में आयोजित की गई जिसमें बस ऑपरेटर यूनियन, कैब ऑपरेटर यूनियन और लोकल बस ऑपरेटर यूनियन समेत परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया इसके अलावा खुफिया तंत्र भी पुलिस का अलग से पूरे मामले में वेरीफिकेशन करेगा।

Ram Mandir Trust Decisions: पहले CEO जितेंद्र मिश्रा, गोविंद गिरी महासचिव, राम मंदिर में किसे क्या जिम्मेदारी?

भावनगर पारा यार्ड रिमॉडलिंग को रेलवे की मंजूरी; ₹125 करोड़ से होगा अपग्रेड, जानें प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

Kal Ka Mausam : यूपी-बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी... नितिन गडकरी का बदलेगा मंत्रालय! महाराष्ट्र से किसे मिलेगी जगह?

Jitendra Mishra: कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, जो बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO?