Mukhyamantri Abhyudaya Coaching Kanpur: प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, जरूरत होती है उसे सही दिशा और अवसर देने की। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं के सपनों के आगे पैसे की कमी बाधा न बने, इसी उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2022 में जनपद में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की गई थी। अब इन केंद्रों से प्रतिभाओं को उड़ान मिल रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के परिणाम सामने आने लगे हैं।
कानपुर नगर में वर्तमान में अभ्युदय कोचिंग के तीन केंद्र संचालित हो रहे हैं। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में संचालित केंद्र पर यूपीएससी और यूपीपीसीएस की तैयारी कराई जा रही है, जहां वर्तमान सत्र में 148 अभ्यर्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। सर्वोदय विद्यालय कल्याणपुर में नीट की तैयारी के लिए 54 और जेईई के लिए 32 अभ्यर्थी कोचिंग कर रहे हैं। वहीं राम सहाय राजकीय महाविद्यालय, बैरी शिवराजपुर में एसएससी की तैयारी के लिए 87 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
अभ्युदय कोचिंग से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मेहनत अब सफलता में बदल रही है। वर्तमान सत्र 2026 में जेईई मेन्स में दो अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं यूपीपीसीएस में लेक्चरार के पद पर एक और जूनियर असिस्टेंट के पद पर एक अभ्यर्थी ने सफलता हासिल की है। अब तक विभिन्न सेवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्युदय कोचिंग के 15 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।
समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए खासा मददगार साबित हो रही है, जो प्रतिभावान होने के बावजूद आर्थिक कारणों से महंगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग नहीं ले पाते। विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयारी के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य प्रदेश के ऐसे प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, जिनके सामने आर्थिक परिस्थितियां चुनौती बनती हैं।
सरकार का प्रयास है कि प्रतिभा और मेहनत के बावजूद किसी विद्यार्थी को केवल आर्थिक कारणों से अपने सपनों से समझौता न करना पड़े। अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है और उनकी सफलता इस पहल की सार्थकता को साबित कर रही है।