स्वास्थ्य विभाग की बैठक (सोर्स- फोटो नवभारत)
कानपुर

कानपुर में मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए 1 सितंबर से विशेष अभियान, 13 हॉटस्पॉट पर रहेगा फोकस

Kanpur Health Department: कानपुर में मीजल्स रूबेला उन्मूलन के लिए 1 सितंबर से विशेष अभियान शुरू होगा। 13 संवेदनशील हॉटस्पॉट पर विशेष फोकस रहेगा और स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों से जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Kanpur Measles-Rubella Campaign: मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए जनपद में एक सितंबर से विशेष अभियान शुरू होगा। इसके लिए 13 संवेदनशील हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां अभियान के दौरान विशेष फोकस रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, व्यापार मंडलों, युवा संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी इससे जोड़ा जाएगा।

जनभागीदारी से अभियान को प्रभावी बनाने की अपील

सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि मीजल्स-रूबेला उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जनभागीदारी से ही अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है, इसलिए समुदाय और स्थानीय संगठनों को सक्रिय रूप से इससे जोड़ा जाए।

जनपद में जाजमऊ, गोपाल नगर, रावतपुर, गीता नगर,नानकारी, सुजातगंज, विजय नगर, धोबी घाट, अनवरगंज, कंगही मोहाल, बिरहाना रोड, फेथफुलगंज और बेनाझाबर को संवेदनशील हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में विशेष फोकस रखते हुए लोगों तक पहुंच बढ़ाने और अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर प्रभावी संवाद के लिए आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडलों, स्कूलों और युवा संगठनों का सहयोग लेने को कहा।

सीएमओ ने बताए मीजल्स के लक्षण

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि मीजल्स एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने, खांसी, नाक बहना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में निमोनिया सहित अन्य जटिलताएं भी हो सकती हैं। रूबेला में भी बुखार और शरीर पर दाने प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण बेहद महत्वपूर्ण है।

विशेष अभियान एक, तीन, सात, आठ, 10 और 11 सितंबर को चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित तिथियों पर संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय रहें और अभियान की नियमित निगरानी की जाए। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।

अभिभावकों, शिक्षकों, व्यापारिक संगठनों और युवाओं से सहयोग की अपील

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मीजल्स-रूबेला से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। अभिभावकों, शिक्षकों, व्यापारिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से अभियान को प्रभावी बनाकर मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.पी. यादव, जेएसआई प्रतिनिधि हुदा जेहरा, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश, डीपीओ आईसीडीएस प्रीति सिंहा, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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