भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
कानपुर

क्या बिठूर में बरकरार रहेगी अभिजीत सिंह सांगा के परिवार की परंपरा? राणा समरेंद्र सिंह की साख दांव पर

Bithoor By-Election 2026: बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में 9474 मतदाताओं में से 6193 ने मतदान किया। 65.36 प्रतिशत वोटिंग के बाद सात प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights

  • बिठूर नगर पंचायत उपचुनाव में 65.36% मतदान

  • 15 अक्टूबर को खुलेगा सात प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा

  • बिठूर उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

  • 15 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से होगी मतगणना

Bithoor Nagar Panchayat By-Election: बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर हुए उपचुनाव में 6193 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग कर 7 प्रत्याशियों की किस्मत तय कर दी है। 15 अक्टूबर को मतगणना होनी है। 9474 मतदाताओं में से 65.36 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बिठूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के परिवार की परंपरागत सीट पर भाजपा से प्रत्याशी बनाए गए विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई राणा समरेंद्र सिंह क्या इस सीट को जीत कर अपने परिवार की परंपरा बरकरार रखेंगे, यह अब 15 अक्टूबर को ही होगा।

पूर्व अध्यक्ष के निधन पर खाली हुई थी सीट

बिठूर नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर निर्मला सिंह के निधन के बाद उनका कार्यकाल 13 महीने का शेष रह गया था जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। भारतीय जनता पार्टी ने दिवंगत डॉक्टर निर्मला सिंह के बड़े बेटे राणा समरेंद्र सिंह को पार्टी के टिकट पर मैदान में उतारा हालांकि बिठूर नगर पंचायत की बात करें तो डॉक्टर निर्मला सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद से लगातार वह पांच बार इस सीट पर अध्यक्ष पद पर चुनाव जीतती चली आई।

अभिजीत सिंह सांगा(भाजपा विधायक और बीजेपी प्रत्याशी के बड़े भाई)- मुनींद्र शुक्ला(पूर्व सपा विधायक)

इस दौरान पहली बार वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में वर्ष 2000 में अपनी देवरानी आशा सिंह के विरोध में चुनाव लड़ी और उन्हें 2100 वोटो से हराकर नगर पंचायत की अध्यक्ष बनी। इसके बाद भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा जब समाजवादी पार्टी में थे तब डॉक्टर निर्मला सिंह समाजवादी पार्टी से अध्यक्ष बनी इसके बाद जब वह कांग्रेस में थे तो डॉक्टर निर्मला सिंह कांग्रेस से चुनाव लड़कर अध्यक्ष बनी। जिससे यह साफ है कि पार्टी चाहे कोई भी हो इस सीट पर वर्ष 2000 से विधायक अभिजीत सिंह सांगा के परिवार का कब्जा रहा है या यू कहे कि उनके परिवार की परंपरागत सीट रही है।

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे राणा समरेंद्र सिंह

इस सीट पर अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए राणा समरेंद्र सिंह पहली बार किसी चुनाव में मैदान में आए। हालांकि इस चुनाव में उनके सामने 6 प्रत्याशी और चुनाव लड़ रहे थे जिसमें यह मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह के सामने कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप द्विवेदी और निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु में कांटे की टक्कर देखी गई। जहां एक ओर राणा समरेंद्र सिंह भाजपा विधायक के बड़े भाई हैं वहीं निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी इसी नगर पंचायत में एक वार्ड से सभासद है और समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला जो इस सीट पर समाजवादी पार्टी से अभी भी अपने दावेदारी ठोक रहे हैं उनका भतीजा है।

आदर्श द्विवेदी विभु निर्दलीय प्रत्याशी (पूर्व सपा विधायक का भतीजा)- भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह

ऐसे में यह चुनाव विधानसभा चुनाव के पहले बिठूर विधानसभा का सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा है हालांकि प्रत्याशियों की किस्मत तो मतपेटियों में कैद हो गई है। मतदाताओं ने उनके भाग्य का फैसला तय कर दिया है। लेकिन 15 अक्टूबर को फैसला आने के बाद विधानसभा सीट की रणनीति बनना भी शुरू हो जाएगी क्योंकि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अभिजीत सिंह सांगा और पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला दोनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

शांतिपूर्वक संपन्न हुआ चुनाव

उपचुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी की टीम पूरी तरह से एक्टिव नजर आई। डीसीपी पश्चिम खुद लगातार पेट्रोलिंग करते रहे और पूरे चुनाव की मॉनिटरिंग करते रहे। इस दौरान कहीं से भी कोई भी झगड़े की सूचना या अराजकता की सूचना सामने नहीं आई। सुबह 7:00 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 5:00 बजे खत्म हुआ। डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी ने बताया मतपेटियों को सुरक्षित रखवा दिया गया है। 15 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से मतगणना शुरू होगी।

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