Police Commissioner Office Kanpur: देश के लिए सीमा पर ड्यूटी कर रहे जवान को अपनी ही मां को इंसाफ दिलाने के लिए जूझना पड़ रहा है। कानपूर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। दरअसल, जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटे जाने के मामले को लेकर जवान ने सवाल उठाया और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में ITBP का एक सेवारत जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचा और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। दरअसल, महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन का आईटीबीपी जवान कांस्टेबल विकास सिंह की मां को सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
इसके बाद उन्हें टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनका संक्रमण हाथ तक फैल गया। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 मई को डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।
इस मामले को आईटीबी जवान ने गंभीरता से लिया और जांच की मांग की। वे लगातार एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। आखिरकार, 20 मई को वे अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचे। कानपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल जांच कराई, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट से आईटीबी अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए।
इसके बाद शनिवार 23 मई को आईटीबी जवान के कमांडेंट गौरव प्रसाद लाइजनिंग अधिकारी 50 से अधिक अपने जवानों के साथ पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे। इस मंजर से पूरा कार्यालय छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस कमिश्नर और कमांडेंट के बीच करीब 1 घंटे तक मीटिंग हुई। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली।
यह भी पढ़ें - पुलिस पर हमला, बैरकों में तोड़फोड़…कपूरथला जेल में खूनी बवाल से मचा हड़कंप! बाहर लगी एंबुलेंस की कतारें
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर विपिन टांडा ने कहा, यह खबर पूरी तरह से झूठी और गुमराह करने वाली है। ऐसी कोई घेराबंदी नहीं हुई। अस्पताल में इलाज के दौरान, ITBP के एक जवान की मां का हाथ कट गया था। उन्होंने इसमें मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया है। जो भी जांच होगी, उसमें जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। यह जांच केवल डॉक्टरों की एक टीम ही कर सकती है।
ITBP कमांडेंट गौरव प्रसाद ने बताया, मैंने जवान की मां का हाथ कटने के मामले में एक सीनियर अधिकारी से मिलने का समय लिया था। मैं यहां कमिश्नर से मिलने आया था, और आज मेरे अधिकारी और स्टाफ भी यहां आए हैं। घेराव जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमें कमिश्नर का पूरा समर्थन है। इस मामले में जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर न्याय मिलेगा।