(सौजन्यः सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

हाथरस भगदड़ मामले में एसडीएम, सीओ समेत 6 पर गिरी गाज, बाबा अब भी सेफ

हाथरस कांड की जांच कर रही SIT ने 300 पन्नों की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी। जिसके बाद योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए SDM, CO समेत 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं बाबा सूरज पाल पर कोई मामला तक दर्ज नहीं किया गया है। जिसके कारण यह सवाल उठाना शुरू हो गया है कि क्या सच में इस पूरी घटना में बाबा की कोई गलती और जिम्मेदारी नहीं थी या फिर उनपर ऊपर वाले का आर्शीवाद है।

शानू शर्मा

लखनऊ: हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। जिसमें इस हादसे के लिए कार्यक्रम आयोजक को मुख्य रुप से जिम्मेदार बताया गया। साथ ही स्थानीय प्रशासन की भी जवाबदेही तय की गई। जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपना पहला एक्शन लेते हुए हाथरस के SDM, CO समेत 6 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है।

SIT ने बीते सोमवार की रात 300 पेज की एक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। जिसमें कहा गया है कि, हादसे में साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसकी और गहनता से जांच जरूरत है। यह हादसा आयोजकों की लापरवाही से घटीत हुई है। वहां स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी आयोजन के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई है।

119 लोगों के बयान दर्ज

मुख्यमंत्री योगी को दी गयी रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ अफसरों को इस आयोजन की जानकारी तक नहीं दी गई थी। वहीं मौके पर पहुंची भीड़ को संभालने के लिए पुख्ता इंतजाम भी नहीं किए गए थे। जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना घटी। इस पूरे रिपोर्ट में 119 लोगों के बयान दर्ज किए गए है। जिन्होंने घटना को लेकर पूरी कहानी बताई है। जिसमें आयोजन स्थल पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान समेत प्रशासन के सभी उच्चाधिकारियों के भी बयान शामिल हैं। इनके अलावा सत्संग घटना के मृतकों के परिवार वालों और घायल लोगों के भी बयान लिखे गए हैं।

जहरीला स्प्रे थ्योरी

बता दें कि इस घटना को लेकर पर सूरज पाल उर्फ साकार विश्व हरि के वकील एपी सिंह ने एक नई थ्योरी दी थी। उन्होंने कहा था कि सत्संग के दौरान कुछ लोगों जहरीला स्प्रे लेकर आए थे। उन्होंने अचानक ही इस स्प्रे को भीड़ में छिड़क दिया और 10 से 12 लोग गाड़ी लेकर भाग गए।

जिसकी वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई। उसमें से कुछ लोग वहीं बेहोश भी हो गए। जिसकी वजह से उनकी जान चली गई। उन्होंने इसे दुर्घटना नहीं हत्या बताते हुए सीसीटीवी कैमरे को सीज करने की बात कही थी।

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