एआईएमआईएम नेता शौकत अली।  
उत्तर प्रदेश

हिंदू 4 नहीं, 14 बच्चे पैदा करें, एआईएमआईएम नेता शौकत अली ने हिंदू संगठनों पर कसा तंज, सरकार को दी चुनौती

Shaukat Ali Statement : AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा है कि हिंदू भाई को 4 नहीं, 14 बच्चे पैदा करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि चीन से मुकाबला करने के लिए देश की आबादी बढ़ानी जरूरी है।

रंजन कुमार

AIMIM Population Statement : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के ताजा बयानों ने फिर जनसंख्या और सांप्रदायिक विमर्श की नई बहस छेड़ दी है। बुधवार देर शाम दो नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करने पहुंचे शौकत अली ने न केवल आबादी नियंत्रण के दावों को खारिज किया, बल्कि हिंदू संगठनों के अधिक बच्चे वाले बयानों पर तंज कसते हुए अपनी विवादित राय भी सामने रखी।

जनसंख्या वृद्धि को देश की ताकत बताते हुए शौकत अली ने कहा कि विशाल आबादी ही राष्ट्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि चीन अपनी बड़ी आबादी के दम पर ही वैश्विक शक्ति बना हुआ है, इसलिए भारत को भी अपनी संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। हिंदू संगठनों द्वारा अक्सर दिए जाने वाले 4 बच्चे वाले बयानों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू भाइयों को 4 नहीं, बल्कि 14 बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने चुनौती दी कि सरकार को आबादी से सचमुच दिक्कत है तो वह पूरे देश के लिए हम दो हमारे दो का सख्त कानून बनाकर दिखाए।

बाबरी मस्जिद और मॉब लिंचिंग पर तीखे वार

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर हो रहे निर्माण का समर्थन करते हुए शौकत अली ने कहा कि संविधान किसी भी नाम से धार्मिक स्थल बनाने की आजादी देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई अपने बेटे का नाम बाबर रखकर काम शुरू करे तो क्या उसे रोका जाएगा? इसके अलावा उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में दाढ़ी, टोपी और खान-पान के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और मॉब लिंचिंग की घटनाएं डराने वाली हद तक बढ़ गई हैं।

ओवैसी का आबादी वाला पुराना दांव

शौकत अली का यह बयान पार्टी सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी के उस पुराने रुख की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने संघ (RSS) प्रमुख के बयानों पर पलटवार किया था। ओवैसी ने पहले भी कहा था कि मुसलमानों की फर्टिलिटी रेट सबसे ज्यादा तेजी से गिर रही है। उन्होंने कई मौकों पर यह तर्क दिया है कि आबादी का डर दिखाकर एक खास समुदाय को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।

2022 के चुनाव में मिली असफलता से ली सीख

शौकत अली ने आगामी चुनावों को लेकर स्पष्ट किया कि 2022 की असफलता से सीख लेते हुए पार्टी अब संगठन की मजबूती पर काम कर रही है। उन्होंने बजट को जन विरोधी बताते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी।

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