Hapur FCI Rice Scam: भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के बलिया गोदाम से हापुड़ के दो व्यापारियों का 378.20 क्विंटल (780 बोरा) सरकारी चावल रास्ते में ही गायब हो गया। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर ने फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर करीब 12 लाख रुपए का चावल हड़प लिया।
व्यापारियों ने जब ट्रक की लोकेशन जांची, तो पता चला कि कागजों में दर्ज नंबर का ट्रक असम और पश्चिम बंगाल में है। यह धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद व्यापारियों ने पुलिस में शिकायत की। भारतीय खाद निगम के बलिया गोदाम से हापुड़ के कारोबारियों का टेंडर से खरीदा गया 378 क्विंटल (780 बोरा) सरकारी चावल फर्जी कागजात और फर्जी नंबर प्लेट के सहारे रास्ते में ही गायब कर दिया गया।
इस जालसाजी का पता तब चला जब पीड़ित व्यापारियों ने ट्रक की लोकेशन पता की तो जिस नंबर का ट्रक कागजों में दर्ज था, वह असम में पश्चिम बंगाल में चला मिला। पीड़ित व्यापारी ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी ट्रांसपोर्टर और फर्जी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर माल बरामद कराने की गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर थाना हापुड़ देहात पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक थाना हापुड़ देहात क्षेत्र में गढ़ रोड स्थित नई मंडी में पक्का बाग निवासी अनुज गर्ग और यश कंसल की दुकान है। दोनों व्यापारी एफसीआई की ओएमएस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया के तहत चावल खरीदते है। अनुज गर्ग का 76.70 क्विंटल और यश कंसल का 301.50 क्विंटल चावल एससीआई गोदाम आजमगढ़ बलिया से हापुड़ स्थित फर्म पर पहुंचाया जाना था। चावल की ढुलाई के लिए व्यापारियों की बातचीत सीतापुर स्थित सलूजा रोड लाइंस के स्वामी जतिंदर सलूजा से हुई।
जतिंदर ने व्यापारियों को विश्वास में लेने के लिए गाड़ी की फर्जी आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड उनके भतीजे शुभम गर्ग के व्हाट्सएप पर भेजे। एसपी के आदेश पर हापुड़ देहात थाने में मंगलवार करीब 9.15 बजे केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।