CEO GIDA अनुज मलिक (सोर्स- फोटो नवभारत)
गोरखपुर

बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधाओं के दम पर गोरखपुर बना पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का नया केंद्र!

Gorakhpur Industrial Development Authority: गीडा पूर्वांचल का प्रमुख निवेश हब बनकर उभरा है। 9 वर्षों में ₹20 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 40 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित हुए।

राजेश कुमार मिश्र, स्निग्धा श्रीवास्तव

Gorakhpur Industrial Development Investment: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन को जमीन पर उतारते हुए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) पूर्वांचल में औद्योगिक निवेश और रोजगार का नया इंजन बनकर उभरा है।

बेहतर बुनियादी ढांचे, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल वातावरण के दम पर गीडा ने पिछले नौ वर्षों में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 40,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

क्या कहती हैं गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक

गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक ने बताया कि वर्तमान में गीडा क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों में 50,000 से अधिक लोग तकनीकी, कुशल और अर्ध-कुशल भूमिकाओं में कार्यरत हैं। यह बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम पूर्वांचल के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।

अडानी सीमेंट प्लांट जैसे मेगा प्रोजेक्ट में करीब 70 प्रतिशत कार्यबल गोरखपुर मंडल और पूर्वांचल के अन्य क्षेत्रों से है।

वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र भरने के बाद 2,000 एकड़ की नई टाउनशिप तैयार

गीडा का वर्तमान करीब 3,600 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र लगभग पूरी तरह भर चुका है। निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए प्राधिकरण ने 2,000 एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया है, जिसे ‘धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बीच रणनीतिक रूप से स्थित यह क्षेत्र गोरखपुर को लखनऊ से महज तीन घंटे की दूरी पर जोड़ती है। इससे निवेशकों को बेहतर लॉजिस्टिक्स, तेज माल परिवहन और व्यापक बाजारों तक आसान पहुंच का लाभ मिलेगा। नई टाउनशिप में निवेशकों का भरोसा भी दिखने लगा है। अडानी और श्रेयस डिस्टिलरीज को 115 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।

गैलेंट और क्रेजी स्नैक्स जैसे ब्रांड की मौजूदगी से मजबूत हो रहा औद्योगिक इकोसिस्टम

गीडा में राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों की मजबूत मौजूदगी इसके तेजी से विकसित होते औद्योगिक आधार को दर्शाती है। NSE में सूचीबद्ध गैलेंट ग्रुप, हाल ही में IPO लाने वाली क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, तथा कोका-कोला और पेप्सिको के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट यहां संचालित हैं। इसके अलावा आईजीएल, अपोलो एपीआई स्टील ट्यूब्स और तत्व पॉलीप्लास्टिक जैसी कंपनियां भी गीडा के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती दे रही हैं।

निवेश को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए गीडा भौतिक बुनियादी ढांचे के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी लगातार मजबूत कर रहा है। निवेश मित्र 2.0 से निवेश मित्र 3.0 पर अपग्रेड के बाद उद्यमियों को मंजूरियों, प्रोत्साहनों और अन्य आवश्यकताओं से जुड़ी 21 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं।

वहीं, वन मैप पोर्टल के माध्यम से निवेशक उपलब्ध भूखंडों को लाइव देख सकते हैं और पारदर्शी ई-नीलामी में भाग ले सकते हैं। इन्वेस्ट यूपी के तहत तैनात उद्यमी मित्र निवेशकों के लिए सिंगल-पॉइंट फैसिलिटेशन के रूप में कार्य कर रहे हैं और विभिन्न विभागों से समन्वय कर मंजूरियों की प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं।

जमीन की उपलब्धता, मजबूत कनेक्टिविटी, बड़े उद्योगों की मौजूदगी और डिजिटल निवेश सुविधाओं के साथ गीडा अब गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल को विनिर्माण, रोजगार और सतत औद्योगिक विकास के वैश्विक प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह औद्योगिक विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने में पूर्वांचल की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

आज की ताजा खबर 14 अगस्त LIVE: जेपी नड्डा अस्पताल में भर्ती; चमोली लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7

वे कौन होते हैं सर्कुलर जारी करने वाले? BCI पर भड़के CJI सूर्यकांत, छात्रों के हक में कही बड़ी बात

चमोली टनल हादसा: मौके पर पहुंचे CM धामी, मुआवजे का किया ऐलान, 3 लोगों को बचाने युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी

NALSAR विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का BCI पर तीखा हमला, बोलीं- संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल बंद हो

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अचानक बिगड़ी तबीयत, AIIMS में कराए गए भर्ती