IT Director General Seema Khanna: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। इसी बीच ECI की एक और अधिकारी सीमा खन्ना को भी लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (ममता बनर्जी गुट) ने आरोप लगाए हैं कि खन्ना ने ही डेटा की हेराफेरी की है।
मीडिया दावे के बाद विपक्ष आरोप लगा रहा था कि कई मौकों पर दो चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से असहमत थे, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया था। बाद में ECI ने बयान भी जारी किया था, जिसमें सर्वसम्मति से फैसले लेने की बात कही गई थी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर राहुल गांधी ने आज प्रेसवार्ता की जिसके जवाब में बीजेपी ने राहुल पर तंज कस्ते हुए राहुल गांधी की राजनीतिक समझ को शून्य बताया है।
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, डॉक्टर सीमा खन्ना चुनाव आयोग में आईटी महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जनवरी को आयोग ने ECINet लॉन्च किया था, जिसके तहत ECI से जुड़े 40 से ज्यादा ऐप्स एकसाथ आ गए थे। तब खन्ना ने कहा था कि इससे जनता के बीच पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कुछ महीनों के बाद इस प्लेटफॉर्म में गड़बड़ी होने लगी। जिन अधिकारियों को कानून के तहत नाम जोड़ने, हटाने और अपडेट करने के काम सौंपा गया था, वो ऐसा नहीं कर पा रहे थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खन्ना की टीम ने उनका एक्सेस सीमित कर दिया था।
लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने सीमा खन्ना पर डेटा में हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग विवाद पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "जमीनी स्तर पर लोग चुनाव आयोग की जमकर आलोचना कर रहे हैं... मामला बेहद गंभीर है। इस मामले ने पूरे देश में हंगामा मचा रखा है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने जो भी स्पष्टीकरण दिया है, वह नगण्य है। स्पष्टीकरण जारी करके गलती स्वीकार की गई है। सीमा खन्ना की भूमिका भी विवादों में घिरी है। सीमा खन्ना ने आंकड़ों में हेरफेर किया था, जिसे हम एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले से ही उठाते आ रहे हैं। आज यह पूरे देश के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक मुद्दा है।
राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कल x पर वीडियो साझा कर चुनाव आयोग को लकेर अपनी बात रखी और सीमा खन्ना का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, 40 पोर्टल्स और ऐप्स एक जगह लाए गए। इसका मतलब है कि सारा अधिकार आयोग को था। सीमा खन्ना जी के सब आधीन हुआ और दूसरी बात यह है कि 30 राज्यों में 13 करोड़ के नाम हटाए गए। उन्होंने आगे कहा चुनाव आयोग को लेकर खबर को प्रकाशित करने वाले पत्रकार को बधाई देता हूं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अचानक से तेज हो गई है। सीजेपी ने 48 घंटे का समय दिया है तो वहीं राहुल गांधी भी जमकर हमलावरल होते नजर आए हैं।