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उत्तर प्रदेश

गंगा-यमुना का तांडव, वाराणसी के 84 घाट डूबे, प्रयागराज में दूसरी मंजिल तक पहुंचा पानी

UP Flood News: गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ गंभीर। दारागंज में घरों की दूसरी मंजिल तक पानी, वाराणसी के 84 घाट डूबे और भागलपुर में जलभराव। प्रशासन राहत व निगरानी में जुटा है।

अनन्या तिवारी

Water Level Rise In Ganga And Yamuna: गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस जलप्रलय के बीच राहत और निगरानी के लिए प्रशासनिक टीमें पूरी तरह से सक्रिय हो गई हैं।

घरों की दूसरी मंजिल तक पहुंचा पानी

जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण माघ मेले के दौरान बनी रिंग रोड पूरी तरह से पानी में डूब गई है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

जैसे-जैसे पानी का स्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्थानीय सब्जी मंडी भी आगे खिसकती जा रही है और अब यह आगे बढ़ते हुए दारागंज थाने तक पहुंच गई है। बाढ़ की स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि इस क्षेत्र में बने मकानों की पहली (फर्स्ट फ्लोर) और दूसरी मंजिल (सेकेंड फ्लोर) तक पानी में डूब गई है। इसके कारण लोगों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है और लोग आने-जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। हालांकि, इस कठिन समय में स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को पूरी तरह से सहयोग दिया जा रहा है।

वाराणसी में खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर

वाराणसी शहर में भी गंगा नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। यहां गंगा का जलस्तर हर घंटे 4 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है और यह बढ़कर 68.94 मीटर तक पहुंच गया है। वाराणसी में खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है, जिससे वर्तमान जलस्तर अब खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है।

जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी के सभी 84 घाट पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। घाटों के डूबने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारी और निगरानी को काफी बढ़ा दिया है।

बिहार के भागलपुर में पहुंचा बाढ़ का पानी

गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर बिहार के भागलपुर जिले में भी बड़ी आफत लेकर आया है, जहां गंगा का पानी अब शहरी इलाकों तक प्रवेश कर गया है। भागलपुर जिले में स्थित मंदिर परिसर भी पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब गया है।

भागलपुर आपदा प्रबंधन के एडीएम कुंदन कुमार ने जानकारी दी है कि प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नजर रख रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कल से जहाज का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नदी के बीच में जो गाद बच गई है, उसके संबंध में भी आवश्यक बातचीत की जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी इंजीनियर और अभियंता प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं, और उनके साथ ही सभी प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति को संभालने के लिए कैंप किए हुए हैं।

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