बसपा प्रमुख मायावती (सोर्स- सोशल मीडिया)
उत्तर प्रदेश

मायावती ने EVM से चुनाव पर उठाए सवाल, बोली- बंद हो मशीन से मतदान, बैलेट पेपर से कराएं वोटिंग

Mayawati EVM Statement: बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर EVM पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की मजबूती के लिए बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की।

अक्षय साहू

BSP Mayawati Demand Ballot Paper: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंन्स करते हुए EVM से चुनाव करवाए जाने को लेकर हमला बोला। उन्होंने EVM पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे तत्काल बंद कर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसका मत उसी के खाते में गया और गिनती में शामिल हुआ। वोट को लेकर संदेह की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।  

मायावती ने कहा कि संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक मतदाता बिना किसी संदेह के अपने मत के सुरक्षित और सही तरीके से दर्ज होने को लेकर आश्वस्त रहे। उन्होंने कहा कि देश में शुरुआती कई दशकों तक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होते रहे और मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्रों की गिनती की जाती थी। 

EVM की जगह बैलेट पेपर हो चुनाव

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बाद में बैलेट पेपर की जगह EVM का इस्तेमाल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे और EVM की इलेक्ट्रॉनिक चिप के साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई थी। मायावती ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने EVM से मतदान और मतगणना की व्यवस्था को जारी रखा। मायावती ने कहा कि बसपा शुरू से ही EVM के इस्तेमाल का विरोध करती रही है। 

चंद्रशेखर आजाद की जीत संदेहास्पद

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के समर्थकों के बीच EVM को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है। नगीना लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार की जीत को लेकर भी स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं हैं। हालांकि, ये आरोप और धारणाएं संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखी जानी चाहिए।

मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना EC की जिम्मेदारी

बसपा प्रमुख ने वीवीपैट व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सभी वीवीपैट पर्चियों का EVM में दर्ज मतों से मिलान नहीं होता, तो मतदाता के मन में उठने वाले संदेह पूरी तरह समाप्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को लेकर आशंकाओं के बीच मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। 

SIR को लेकर भी चिंता

मायावती ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर फैली भ्रांतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इन मामलों में समय रहते स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने से विपक्ष और जनता के बीच असमंजस और नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव से जुड़े सभी सवालों और आशंकाओं का समय रहते समाधान करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष चुनाव को लेकर जनता का विश्वास कायम रहे। 

मायावती ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर भरोसा बहाल करने के लिए बसपा की मांग है कि EVM से मतदान की प्रक्रिया बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए। साथ ही SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर उठ रही भ्रांतियों को भी दूर किया जाए।

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