

BSP National Coordinator: यूपी के लखनऊ में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी मुख्यालय में बीएसपी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मायावती ने ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी।
लखनऊ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मायावती ने आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator) नियुक्त करने की घोषणा की।
आपको जानकारी दें, कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कुछ दिन पहले ही आकाश आनंद को पूर्व में पार्टी के संगठनात्मक दायित्वों से अलग कर दिया गया था।
हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने के मकसद से मायावती ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। इस अचानक लिए गए फैसले ने राजनीतिक हलकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
BSP की इस अहम बैठक के दौरान भविष्य की रणनीतियों, पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन पर विस्तार से चर्चा हुई। ईशान आनंद की वापसी को BSP के केंद्रीय नेतृत्व को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की तैयारी के तौर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ईशान आनंद को आगे लाने के संकेत मायावती पहले ही दे चुकी थी। 20 सितंबर को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने परिवारवाद को लेकर एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में वह अपने भाई-बहनों और नजदीकी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर फैसले लेंगी।
मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद और उनकी बहन को अब पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके स्थान पर अपने भाई आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
मायावती ने अपने फैसले का आधार लेते हुए बताया था कि उन्होंने यह फैसला बसपा संस्थापक कांशीराम के पदचिह्नों और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेकर लिया है। हालांकि, ईशान आनंद पर भी पार्टी से निकाले जाने की तलवार लटकी हुई है।
मायवती ने यह स्पष्ट किया था कि अगर ईशान आनंद ने भी भविष्य में पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य किया तो उन्हें भी पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी बल्कि पार्टी में कार्यरत किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।