Uttar Pradesh News: आजम खान की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन बेल बांड में गलत पता दर्ज होने के कारण उनकी रिहाई में देरी हो रही है। समर्थक सीतापुर जेल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद हैं और रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।
आजम खान उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल से आज रिहा होने वाले हैं। आजम खान के खिलाफ दर्ज 72 मुकदमों में रिहाई के आदेश सीतापुर जेल को मिल चुके हैं। रिहाई बॉन्ड भरते वक्त गलत एड्रेस डालने की वजह से प्रक्रिया में अड़चन आई है। अब करेक्शन के बाद दोबारा बॉन्ड भरा जाएगा, उसके बाद ही रिहाई मुमकिन हो पाएगी।
आजम खान के खिलाफ दर्ज सभी 72 मामलों में अदालत से रिहाई के आदेश मिल गए हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट ने पहले 53 मामलों में जमानत दी थी, जिसमें क्वालिटी बार केस भी शामिल है। इसके अलावा डूंगरपुर केस में 10 साल की सजा पर हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हाल ही में अदालत ने लूट, डकैती और धोखाधड़ी से जुड़े 19 मामलों में भी रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
सीतापुर जेल प्रशासन के अनुसार, रिहाई की प्रक्रिया उस समय रुक गई जब बेल बांड में दर्ज आजम खान का पता गलत पाया गया। कानून के तहत किसी भी आरोपी की रिहाई के लिए बेल बांड में सही और पूरा पता अनिवार्य होता है। गलत एड्रेस होने पर रिहाई की प्रक्रिया तत्काल रोक दी जाती है।
जेल प्रशासन अब नए दस्तावेज लेकर सही पता दर्ज करवाने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। जैसे ही नया बांड सही जानकारी के साथ भरा जाएगा, रिहाई की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी जाएगी। इस कानूनी तकनीकी खामी के चलते रिहाई में कुछ घंटे की देरी हो रही है।
बेल बांड में दर्ज पता अदालत और प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। भविष्य में अगर आरोपी से किसी भी कानूनी प्रक्रिया के लिए संपर्क करना हो, तो यह पता ही एकमात्र जरिया होता है। गलत एड्रेस से नोटिस भेजने या अन्य कार्यवाही में समस्या हो सकती है, इसलिए प्रक्रिया में सावधानी बरती जाती है।
आजम खान की रिहाई की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक सीतापुर जेल के बाहर जमा हो गए हैं। 23 महीने की कैद के बाद उनके बाहर आने की घड़ी का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। समर्थकों ने जेल के बाहर जश्न की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन बेल बांड की तकनीकी गलती ने इस उत्साह को थोड़ी देर के लिए रोक दिया है।
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कानूनी प्रक्रिया के सभी चरण पार करने के बाद अब केवल बेल बांड की गलती ही आजम खान की रिहाई में बाधा बनी हुई है। जैसे ही सही दस्तावेज जेल प्रशासन को मिलते हैं, उनकी रिहाई प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाएगी और 23 महीने बाद वे जेल से बाहर आएंगे।