आजम खान, फोटो- सोशल मीडिया 
उत्तर प्रदेश

‘इस बार ईद पर…’, आजम खान को सता रहा है ईरानी बच्चों के मौत का दुख, मुस्लिम समाज के लोगों से कर डाली ये अपील

Azam Khan Appeals on Eid: रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान ने ईरान में स्कूली बच्चियों की मौत पर दुख जताते हुए मुस्लिम समाज से एक खास तरीके से इस बार की ईद मनाने का सुझाव दिया है। जानिए क्या कहा।

प्रतीक पाण्डेय

Eid Ul Fitr 2026: सीतापुर और अब रामपुर जेल की सलाखों के पीछे वक्त गुजार रहे समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान ने जेल से एक संदेश भिजवाया है। यह संदेश किसी राजनीतिक पैंतरेबाजी के बारे में नहीं, बल्कि सात समंदर पार चल रहे युद्ध से जुड़ा है।

आजम खान ने अपनी इस अपील के जरिए ईरानी बच्चों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मुस्लिम समुदाय को मुस्लिम समाज से सादगी से ईद मनाने और काली पट्टी बांधने की अपील की है।

जेल की सलाखों के पीछे से आया आजम खान का संदेश

शनिवार को रामपुर जेल के बाहर उस वक्त मीडिया की हलचल बढ़ गई, जब आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा और मुरादाबाद के सपा नेता युसूफ मलिक उनसे मुलाकात करने पहुंचे। इस मुलाकात के बाद जब युसूफ मलिक जेल परिसर से बाहर आए, तो उन्होंने आजम खान का वह पैगाम दुनिया के सामने रखा, जो उन्होंने मुस्लिम समाज के लिए भेजा है। आजम खान ने विशेष रूप से सुन्नी मुसलमानों से यह गुहार लगाई है कि वे इस बार ईद की खुशियों को बेहद सादगी के साथ मनाएं। उनके अनुसार, जब दुनिया के किसी भी कोने में मासूमों का खून बह रहा हो, तो एक संवेदनशील समाज के तौर पर हमें अपनी खुशियों में संयम बरतना चाहिए।

165 मासूम बच्चियों की मौत पर आजम ने जताई गहरी चिंता

आजम खान की इस अपील के पीछे की असल वजह ईरान और इजरायल के बीच चल रहा भीषण तनाव और हाल ही में हुई एक घटना है। दरअसल, ईरान के मिनाब स्थित एक एलीमेंट्री स्कूल पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में करीब 165 मासूम बच्चियों की जान चली गई। युसूफ मलिक ने आजम खान के हवाले से बताया कि एक स्कूल की बिल्डिंग को जिस तरह निशाना बनाया गया, वह पूरी मानवता के लिए एक बदनुमा दाग है। जेल में रहते हुए भी दुनिया भर की खबरों पर नजर रख रहे आजम खान इस घटना से बेहद आहत हैं और उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर एक बड़ी त्रासदी करार दिया है।

ईद के दिन विरोध जताने का बताया तरीका

ईरानी बच्चियों के मौत का विरोध दर्ज कराने के लिए आजम खान ने एक अनोखा तरीका सुझाया है। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि वे इस ईद पर नए कपड़े न सिलवाएं और न ही पहनें। इसके बजाय, वे अपने पुराने और सादे कपड़ों में ही ईद की नमाज अदा करें।

आजम खान का मानना है कि ईद के दिन हाथों पर काली पट्टी बांधकर या काले कपड़े पहनकर दुनिया को यह संदेश दिया जा सकता है कि हम बेगुनाह बच्चों की मौत के खिलाफ हैं। उनका यह संदेश सीधे तौर पर उन परिवारों के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश है, जिन्होंने इस युद्ध में अपनों को खोया है।

अमेरिकी हमलों पर बरसे आजम खान

ईरान के स्कूल पर हुए इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव काफी बढ़ गया है। मीडिया संस्थानों की मानें तो यह हमला अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल से किया गया था, जिसका वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आजम खान का मानना है कि खुफिया जानकारी के आधार पर मासूम बच्चों के स्कूल को टारगेट करना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

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