Ayodhya Ram Mandir (सोर्स: सोशल मीडिया)
अयोध्या

राम मंदिर में फेस रीडिंग से कर्मचारियों की निगरानी, गैरहाजिरी पर नोटिस, चढ़ावा चोरी केस में 25 को अगली सुनवाई

Ram Mandir Employee Monitoring: राम मंदिर में कर्मचारियों की फेस रीडिंग से निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं चढ़ावा चोरी मामले में कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी के साथ बुलाया और 25 अगस्त को सुनवाई तय की।

आलोक उमाकृष्ण

Ayodhya Ram Mandir Employee Monitoring: अयोध्या स्थित राम मंदिर और उससे जुड़े परिसरों में तैनात कर्मचारियों की निगरानी अब और सख्त कर दी गई है। कर्मचारियों के ड्यूटी पर आने और जाने के समय कैमरों के जरिए फेस रीडिंग की जा रही है।

इसके साथ ही रजिस्टर में भी उनकी उपस्थिति का समय दर्ज किया जा रहा है। राम मंदिर परिसर के अलावा रामघाट कार्यशाला, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र और रामनिवास में भी कैमरे लगाए गए हैं।

इनके जरिए कर्मचारियों की उपस्थिति और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ड्यूटी से गायब रहने या लगातार देरी से पहुंचने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।

मंदिर और उससे जुड़े विभिन्न व्यवस्थाओं में करीब 1,000 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के करीब 300 कर्मचारी, 300 से अधिक एसआईएस सुरक्षा कर्मी और 35 से अधिक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी शामिल हैं।

ट्रस्ट से जुड़े लोगों की गतिविधियां चर्चा में

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच ट्रस्ट से जुड़े पूर्व प्रमुख पदाधिकारियों की गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पूर्व महासचिव चंपत राय 25 जुलाई से रामनगरी के विभिन्न मठ-मंदिरों में जाकर साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं।

वहीं पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। बुधवार को उन्होंने रामकोट की परिक्रमा की और वहां मौजूद लोगों से 21 अगस्त को परिक्रमा के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर चर्चा की।

इसी बीच गोपाल राव के दोबारा अयोध्या पहुंचने, रामलला के दर्शन करने और इसके बाद चंपत राय से मुलाकात ने भी चर्चाओं को बढ़ा दिया है। चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद गोपाल राव 15 जुलाई को अयोध्या से बाहर चले गए थे। करीब एक महीने बाद उनकी वापसी और मंदिर से जुड़े लोगों से मुलाकात को मौजूदा घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिमांड पर कोर्ट में सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपियों की ओर से रिमांड पर उठाई गई आपत्ति को लेकर बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि पुलिस की रिपोर्ट पर अब अलग से कोई आपत्ति दाखिल नहीं करनी है।

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा ने सुनवाई के बाद मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी को संपूर्ण केस डायरी के साथ अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है। जेल में बंद आरोपियों ने 7 अगस्त को रिमांड को चुनौती देते हुए प्रार्थना पत्र दिया था।

बचाव पक्ष का कहना था कि विवेचक ने गलत धाराओं में रिमांड पेश किया है और आरोपियों पर लगे अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष है। अदालत अब केस डायरी और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।

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