अयोध्या: उत्तरप्रदेश के अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस एक सुरक्षित स्मार्ट सिटी बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है। शहर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए 56 करोड़ रुपये की लागत से एक हज़ार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों को अयोध्या और फैजाबाद के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में लगाया जाएगा, जिससे न सिर्फ अपराधों पर नजर रखी जा सकेगी बल्कि कानून व्यवस्था को भी और अधिक चुस्त बनाया जा सकेगा। यह पहल शहर की स्मार्ट सिटी योजना को एक नई दिशा देगी।
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, जल निकासी और पेयजल जैसे मुद्दों पर भी इस नई तकनीकी पहल का असर दिखेगा। शहर के नए कंट्रोल रूम से हर छोटी-बड़ी समस्या की मॉनिटरिंग की जाएगी और तत्काल समाधान की व्यवस्था रहेगी। अयोध्या का यह बदलाव सिर्फ बाहरी सतह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी वास्तविक सुधार लाएगा।
स्मार्ट कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
सिविल लाइंस में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निर्माण किया जाएगा, जहां से इन सभी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी। यह नियंत्रण कक्ष नगर निगम और अयोध्या विकास प्राधिकरण के संयुक्त कार्यालय में स्थापित होगा। यहां से सुरक्षा के साथ-साथ जलभराव, खराब स्ट्रीट लाइट्स और अन्य नागरिक समस्याओं की भी लाइव मॉनिटरिंग होगी, जिससे शहर की व्यवस्था और सुविधाओं में तेजी से सुधार लाया जा सकेगा।
सेफ सिटी की नींव पहले ही रखी जा चुकी है
अयोध्या में पहले से ही सेफ सिटी योजना के तहत 1300 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं, जिन्हें जलकल कार्यालय स्थित आईटीएमएस से जोड़ा गया है। इनमें निजी प्रतिष्ठानों और आवासों के कैमरे भी शामिल हैं। यह नेटवर्क पहले से अपराध नियंत्रण में सहायक है और अब नए कैमरों की स्थापना से यह कवरेज और भी मजबूत होगा। 56 करोड़ की लागत से ये सभी 1000 सीसीटीवी कैमरों को सभी संदिग्ध गतिविधि की जगहों पर लगाकर शहर की सुरक्षा को पूरी तरह से चाक चौबंद किया जायेगा।