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उत्तर प्रदेश

कौन होगा राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO? अयोध्या में आज अहम बैठक, होगा बड़ा ऐलान

Ram Mandir CEO: अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर आज अहम बैठक होगी। इस बैठक में ट्रस्ट के पहले CEO के नाम पर आज फैसला होने जा रहा है। सर्च कमेटी ने ट्रस्ट को तीन नाम सौंपे हैं।

अंकिता पटेल

Ram Mandir Trust CEO News: अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO को लेकर आज इतंजार खत्म होने जा रहा है। 1 सितंबर को तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने ट्रस्ट को तीन नाम सौंप दी है। अब आज 2 सितंबर की बैठक इन तीन नामों में से किसी एक पर ट्रस्ट अपनी मोहर लगा सकता है। इन तीन नामों में 2003 बैच पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे, पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा और एक अन्य उम्मीदवार का नाम शामिल है।

फिलहाल तीसरे नाम की अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक नहीं हुई है। राजेश पांडे और योगेश्वर मिश्रा को फिलहाल सबसे आगे बताया जा रहा है। आज की अहम बैठक के बाद CEO के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसके अलावा आज की बैठक में महासचिव समेत कई अहम पदों पर भी निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज दो सत्रों में

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की एक दिवसीय अहम बैठक आज, 2 सितंबर को मणिराम छावनी में होगी। बैठक दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहले सत्र की शुरुआत दोपहर 2 बजे होगी। इसमें ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भरने पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव के नाम पर विचार किया जाएगा।

वहीं, शाम 4 बजे से ट्रस्ट की मुख्य बैठक शुरू होगी। इसमें धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति और ऑडिट समिति समेत मैनेजिंग कमेटी के पुनर्गठन पर फैसला लिया जा सकता है।

ऐसे में बैठक का एजेंडा सिर्फ ट्रस्ट के पहले CEO के चयन तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों और समितियों के पुनर्गठन को लेकर भी इस बैठक में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

CEO पद के लिए मुख्य नाम चर्चा में

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के पद को लेकर फिलहाल चार नाम चर्चा में हैं। इनमें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडे, बिहार कैडर के IPS अधिकारी परेश सक्सेना, उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी दिनेश चंद्र और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा के नाम शामिल हैं।

हालांकि, इन चारों नामों में से कौन-सा नाम सर्च कमेटी द्वारा तैयार किए गए तीन नामों के पैनल में शामिल है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में आज होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पहले सीईओ की दौड़ में शामिल प्रमुख नाम

5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी CEO की तलाश

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी लंबी रही है। इस एक पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की तकनीकी जांच के साथ-साथ मैन्युअल स्क्रूटनी भी की गई। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में अलग-अलग टीमें तैनात की गई थीं।

दस्तावेजों की जांच के बाद 16 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इन उम्मीदवारों से 3 से 6 अगस्त के बीच ऑनलाइन बातचीत की गई। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को उन्हें अयोध्या बुलाया गया, जहां आमने-सामने इंटरव्यू हुआ।

इंटरव्यू और चयन की पूरी प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल तैयार किया। अब इसी पैनल में शामिल नामों में से एक पर ट्रस्ट की बैठक में CEO के पद के लिए अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तैयार किया CEO पद का पैनल

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हावरे को शामिल किया गया था। तीनों सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबा प्रशासनिक और पेशेवर अनुभव है।

सर्च कमेटी ने उम्मीदवारों के साथ बातचीत और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। कमेटी के सचिव समीर पंडा के मुताबिक, CEO के चयन की प्रक्रिया तय समयसीमा से पहले ही पूरी कर ली गई थी।

1 सितंबर को सर्च कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दी। अब इस रिपोर्ट को ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद कमेटी की ओर से सुझाए गए तीन नामों पर आज चर्चा होगी और CEO पद के लिए अंतिम नाम पर फैसला लिया जाएगा।

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