Aligarh Muslim University VC Residence Protest: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) एक बार फिर छात्र आंदोलन को लेकर चर्चा में है। विश्वविद्यालय में कभी हॉर्स राइडिंग स्टेशन को लेकर छात्र आवाज उठाते नजर आए तो कभी यूनियन चुनाव की मांग को लेकर छात्र और शिक्षक आंदोलन करते दिखाई दिए। अब शनिवार रात मेस में खाने की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर छात्रों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलपति आवास का रुख किया और वहां धरने पर बैठ गए।
मामला एएमयू के सर सैयद हॉल नॉर्थ का है। छात्रों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10:30 बजे मेस में परोसे जा रहे खाने को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों का आरोप है कि मेस में पिछले करीब डेढ़ महीने से खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
छात्रों का कहना है कि मेस में कई बार खाना कम मात्रा में मिलने, सब्जी की गुणवत्ता खराब होने और सब्जी से बदबू आने जैसी शिकायतें सामने आईं। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों और विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाई, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद शनिवार रात छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए कुलपति आवास पहुंचे। यहां छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
छात्र नेता अनस ने आरोप लगाया कि मेस की अव्यवस्था को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि छात्रों को रोजाना भोजन की आवश्यकता होती है और यदि खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल इसका संज्ञान लेना चाहिए।
धरने पर बैठे छात्रों ने मांग की कि मेस में खाने की गुणवत्ता और मात्रा दोनों सुनिश्चित की जाएं, शिकायतों की जांच कराई जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छात्रों ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक मेस की व्यवस्था में सुधार नहीं होता और उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
एएमयू में लगातार सामने आ रहे छात्र आंदोलनों के बीच मेस का यह मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक और चुनौती बन गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है और मेस व्यवस्था में सुधार के लिए क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।