Highlights:
अतरौली में अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दौरान हादसा
छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया
डीआईओएस ने किया निरीक्षण
प्रधानाचार्य से मांगा स्पष्टीकरण
Aligarh School Ceiling Plaster Collapse: सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों के बीच अलीगढ़ के अतरौली स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में एक बड़ा हादसा हो गया। अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दौरान कक्षा की छत का प्लास्टर अचानक गिरने से चार छात्राएं चोटिल हो गईं। घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्राओं को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। सभी छात्राओं की हालत सामान्य बताई गई है। उपचार के बाद छात्राओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, अतरौली के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान एक कक्षा की छत का प्लास्टर अचानक नीचे गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से चार छात्राएं चोटिल हो गईं। परीक्षा के बीच हुए इस हादसे से छात्राओं और विद्यालय स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायल छात्राओं को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
राहत की बात यह रही कि हादसे में चोटिल छात्राओं की हालत सामान्य बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हालांकि, विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने की घटना ने भवन की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.पूरन सिंह ने विद्यालय पहुंचकर तत्काल निरीक्षण किया। भवन की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अब विद्यालय प्रबंधन को यह स्पष्ट करना होगा कि भवन की स्थिति और सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए थे।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.पूरन सिंह ने बताया कि राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से कुछ छात्राएं घायल हुई हैं। घायल छात्राओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है। उनके अनुसार, एक छात्रा का उपचार जारी है, जबकि अन्य को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि धनराशि आवंटित होते ही विद्यालय की छत की मरम्मत कराई जाएगी।
फिलहाल, हादसे के बाद विद्यालय भवन की सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवन की स्थिति का आकलन और आवश्यक मरम्मत समय पर कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। अब प्रकरण शिक्षा विभाग का ही नहीं बल्कि छात्राओं की समुचित सुरक्षा और अलीगढ़ प्रशासन का भी है।