अखिलेश यादव- आजम खान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर को लेकर गरमाई सियासत, अखिलेश यादव बोले- शिक्षा में भी साम्प्रदायिकता दिखती है..

Akhilesh Yadav News: रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Akhilesh Yadav Statement: रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा को शिक्षा के क्षेत्र में भी साम्प्रदायिकता दिखाई देती है। उत्तर प्रदेश सरकार का शिक्षा, शिक्षक, विद्यार्थियों और शिक्षा के बाद रोजगार से कोई सरोकार नहीं है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलने वाली नौकरी शामिल ही नहीं है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दुर्भावना के तहत यह कार्रवाई कर रही है।

अपने साथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी सरकार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा पहले अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैध भवनों और संस्थानों पर कार्रवाई करे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी। जब उनके संगी-साथी ही अपंजीकृत है तो उनके भवन, कार्यालय, संस्थान कैसे जायज़ हों सकते है।

https://twitter.com/yadavakhilesh/status/2077680344929825140

अंत में अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय पर सरकार की प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को "निंदनीय" करार दिया।

जौहर विश्वविद्यालय परिसर पर ध्वस्तीकरण का आदेश

गौरतलब है कि प्रदेश में अवैध निर्माण और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना नक्शे की स्वीकृति के निर्मित भवनों के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27(1) के तहत की गई है। आदेश में विस्तृत सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद विश्वविद्यालय परिसर में बने 38 भवनों को अवैध निर्माण की श्रेणी में माना गया और ध्वस्तीकरण के आदेश दिये गये हैं।

8 जुलाई को दाखिल किया था जवाब

रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि रामपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है। इसी के तहत मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण की जांच क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिया गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई को अपना जवाब दाखिल किया, जबकि 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई, जिसमें विश्वविद्यालय और विकास प्राधिकरण दोनों पक्षों के अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से तर्क दिया गया कि जिस ग्राम सिंगनखेड़ा में विश्वविद्यालय स्थित है, वह 27 सितंबर-24 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल नहीं था। ऐसे में विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं थी।

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