आगरा डीएम (सोर्स- फोटो नवभारत)
आगरा

पद की गरिमा के साथ संस्कारों की मिसाल… राखी बंधवाकर बच्चियों के पैर छूने वाले DM ने दिया बड़ा संदेश

Raksha Bandhan: यूपी में संस्कार की खूबसूरत तस्वीर रामपुर DM अजय कुमार ने बच्चियों के पैर छुए, आगरा DM मनीष ने दिव्यांग बेटियों से राखी बंधवाई मथुरा में महिलाओं-छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

UP Police Raksha Bandhan Celebration: रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ राखी बांधने और उपहार देने तक सीमित नहीं है। यह भारतीय संस्कृति में रिश्तों, सम्मान और संस्कारों का पर्व भी है। इस बार उत्तर प्रदेश में दो जिलाधिकारियों से जुड़े रक्षाबंधन के प्रसंगों ने इसी भावना को एक अलग और बेहद खूबसूरत संदेश में बदल दिया। आगरा में दिव्यांग बेटियों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल की कलाई पर राखी बांधी तो रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्कूली बच्चियों से राखी बंधवाने के बाद उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

रामपुर के डीएम का अंदाज चर्चा में

रामपुर के डीएम का यह अंदाज खास तौर पर चर्चा में आया। जिस पद पर बैठकर अधिकारी आमतौर पर लोगों को दिशा-निर्देश देते हैं, उसी पद पर बैठे जिलाधिकारी का बच्चियों के सामने झुककर उनके पैर छूना भारतीय संस्कारों की उस परंपरा की याद दिलाता है, जिसमें उम्र, पद और प्रतिष्ठा से ऊपर सम्मान और आशीर्वाद को महत्व दिया जाता है।

आईएएस अधिकारी होना निश्चित तौर पर बड़ी जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा का पद है, लेकिन रामपुर डीएम ने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि ऊंचा पद इंसान को ऊंचा जरूर बनाता है, लेकिन असली ऊंचाई उसके संस्कार तय करते हैं। बच्चियों से राखी बंधवाना और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना इसी सोच की झलक दिखाई देता है।

रामपुर डीएम

दिव्यांग बेटियों ने डीएम मनीष बंसल को राखियां बांधीं

वहीं आगरा में भी रक्षाबंधन के अवसर पर दिव्यांग बेटियों ने डीएम मनीष बंसल को राखियां बांधीं। जिलाधिकारी ने बच्चियों का आत्मीयता से स्वागत किया और उन्हें उपहार भेंट किए। उनके चेहरों पर आई खुशी ने रक्षाबंधन के इस पर्व को और खास बना दिया।

दोनों जिलों की तस्वीरें अलग जरूर रहीं, लेकिन संदेश एक ही रहा - सरकारी पद और प्रोटोकॉल अपनी जगह हैं, मगर भारतीय संस्कार दिल में हों तो वे हर भूमिका में नजर आते हैं।

रक्षाबंधन के इन दृश्यों ने यह भी दिखाया कि प्रशासन केवल आदेश और कानून-व्यवस्था का नाम नहीं है। जब अधिकारी समाज के बीच संवेदनशीलता, सम्मान और अपनत्व के साथ खड़े होते हैं तो सरकारी पद की दूरी कम होती है और भरोसे का रिश्ता मजबूत होता है।

राखी के धागे ने जहां भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत किया, वहीं एक आईएएस अधिकारी के झुकने ने यह संदेश दिया कि संस्कारों के सामने पद भी छोटा हो जाता है।

आगरा डीएम

मथुरा में पुलिसकर्मियों को महिलाओं और छात्राओं ने बांधी राखी

सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को अपना भाई मानते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। अपने साथ रक्षा सूत्र और मिठाई लेकर पहुंचीं महिलाओं ने एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

एसएसपी कार्यालय में महिलाओं और छात्राओं के पहुंचने के बाद माहौल पूरी तरह आत्मीय हो गया। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं पुलिसकर्मियों ने भी बहनों का सम्मान करते हुए उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का भरोसा दिलाया।

एसएसपी कार्यालय

पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे की एक खूबसूरत तस्वीर ...

महिलाओं का कहना था कि पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए दिन-रात अपनी ड्यूटी निभाते हैं। त्योहारों के दौरान जब अधिकांश लोग अपने परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं, उस समय पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहते हैं। कई पुलिसकर्मी ड्यूटी के चलते अपने घर तक नहीं पहुंच पाते और परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व नहीं मना पाते।

इसी भावना को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को अपना भाई मानकर उनके साथ रक्षाबंधन मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भी हमारे समाज और परिवार का हिस्सा हैं। उनके प्रति सम्मान और अपनापन व्यक्त करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

रक्षाबंधन के मौके पर हुई इस पहल ने पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे और आत्मीयता की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की। सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच भाई-बहन के रिश्ते का यह भाव लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

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