Footwear Fair Meet At Agra 2026: मोहब्बत के शहर आगरा की पहचान अब सिर्फ ताजमहल और पर्यटन तक सीमित नहीं है। दुनिया के फुटवियर बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना चुके आगरा में एक बार फिर जूता उद्योग का ‘महाकुंभ’ सजने जा रहा है। शहर के सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में 3 से 5 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय फुटवियर फेयर ‘मीट एट आगरा-2026’ का 18वां संस्करण आयोजित होगा। इस बार फेयर का फोकस सिर्फ कारोबार पर नहीं, बल्कि नई तकनीक, आधुनिक उत्पादन प्रणाली, वैश्विक साझेदारी और उद्योग में युवाओं की बढ़ती भूमिका पर रहेगा।
आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) की ओर से आयोजित इस फेयर में देश-विदेश की 250 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। फुटवियर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनरी, कंपोनेंट्स, नई सामग्री और उत्पादन तकनीक एक ही छत के नीचे देखने को मिलेगी।
फेयर का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस बार और मजबूत नजर आएगा। चीन की आठ कंपनियां अपनी मशीनरी, उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन करेंगी। चीन के साथ साथ करीब 11 देशों का प्रतिनिधित्व इस आयोजन में देखने को मिलेगा। इसके अलावा इटली, चीन और ताइवान के व्यापार आयुक्तों को भी आमंत्रित किया गया है। ऐसे में आगरा के कारोबारियों के लिए यह आयोजन सिर्फ प्रदर्शनी देखने का मौका नहीं, बल्कि विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग, कारोबारी साझेदारी और नए बाजारों की संभावनाएं तलाशने का मंच भी होगा।
‘मीट एट आगरा’ का एक महत्वपूर्ण संदेश इस बार युवा पीढ़ी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ने का भी है। आयोजकों का कहना है कि दक्षिण भारत में बड़ी संख्या में युवा जूता उद्योग से जुड़ रहे हैं और नई तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। ऐसे में आगरा की नई पीढ़ी को भी पारंपरिक कारोबार के साथ आधुनिक तकनीक, डिजाइन, ऑटोमेशन और नई उत्पादन प्रणालियों को समझना होगा।
एफमेक पदाधिकारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में केवल पुरानी उत्पादन तकनीकों के सहारे प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं होगा। नई मशीनरी और तकनीक को अपनाकर उत्पादन की गुणवत्ता, गति और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने पर जोर देना होगा।
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता के अनुसार, बदलते वैश्विक बाजार और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के दौर में भारतीय फुटवियर उद्योग के सामने नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इन अवसरों का लाभ लेने के लिए भारतीय निर्माताओं को तकनीकी रूप से खुद को लगातार अपडेट करना होगा।
फेयर को लेकर आयोजकों ने एक महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट की है। इसे सामान्य प्रदर्शनी या भीड़ जुटाने वाले आयोजन से नहीं देखा जाना चाहिए। एफमेक की पदाधिकारी माला खेड़ा ने कहा कि यह मुख्य रूप से व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों का फेयर है, इसलिए इसकी सफलता को सिर्फ भीड़ के आंकड़ों से नहीं आंकना चाहिए।
उनके मुताबिक, यहां आने वाला कारोबारी नई मशीनरी, सामग्री और तकनीक को समझे, विशेषज्ञों से बातचीत करे और अपने उद्योग में उसे लागू करने की संभावनाएं तलाशे- यही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है। यानी ‘मीट एट आगरा’ का लक्ष्य सिर्फ देखना नहीं, सीखना और फिर उस सीख को उद्योग की तरक्की में बदलना है।
तीन दिनों में करीब 20 हजार विजिटर्स के पहुंचने की संभावना है। घरेलू बाजार से जुड़े फुटवियर निर्माताओं की भागीदारी पर भी इस बार विशेष जोर दिया गया है।
वर्ष 2007 में शुरू हुआ ‘मीट एट आगरा’ पिछले 18 वर्षों में फुटवियर उद्योग की सप्लाई चेन से जुड़े कारोबारियों, निर्माताओं और तकनीकी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इस बार ‘डिस्कवर, क्रिएट, कनेक्ट, ग्रो’ थीम के साथ इसे और व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी है।
आगरा के जूता उद्योग के लिए यह फेयर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाला दौर सिर्फ ज्यादा उत्पादन का नहीं, बल्कि स्मार्ट उत्पादन, नई तकनीक, बेहतर गुणवत्ता और वैश्विक बाजार से जुड़ने का है। ऐसे में ‘मीट एट आगरा-2026’ उद्योग के सामने यही सवाल रखने जा रहा है- क्या आगरा की नई पीढ़ी तकनीक के साथ कदम मिलाकर जूता उद्योग को अगली ऊंचाई तक ले जाने के लिए तैयार है?