कंगना रनौत (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
आगरा

गटर जेनरेशन टिप्पणी पर कंगना रनौत की बढ़ीं मुश्किलें, आगरा की MP-MLA कोर्ट में मामला दर्ज; 5 अगस्त को सुनवाई

Gutter Generation Remark: 'गटर जेनरेशन' वाली टिप्पणी पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत के खिलाफ आगरा की MP-MLA कोर्ट में परिवाद दायर हुआ। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय की है।

अमन मौर्या

Kangana Ranaut Controversial Remark: भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कंगना द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिए गए 'गटर जेनरेशन' वाले बयान को लेकर अब कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की MP-MLA विशेष अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। मामले पर अदालत ने 5 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की है।

परिवाद अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से विशेष न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में दाखिल किया गया है। अधिवक्ता का आरोप है कि पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 'गटर जेनरेशन' कहना करोड़ों छात्रों और देशवासियों की भावनाओं का अपमान है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणी संविधान की भावना और जनप्रतिनिधि के दायित्वों के अनुरूप नहीं है।

प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर कंगना ने की थी टिप्पणी

बता दें, कंगना रनौत ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए ‘गटर जनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना भी हुई थी। इस पर कई लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने पूरी जेन-जी पीढ़ी का अपमान किया है।

कंगना ने दी सफाई

इसके बाद कंगना ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिर से एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि उनका वह बयान पूरी युवा पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि कुछ लोगों के लिए था जो विरोध प्रदर्शन के दौरान अशोभनीय व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने केवल ऐसे व्यवहार का विरोध किया, जिसे वह समाज के लिए गलत मानती हैं।

किसानों, स्वतंत्रता सेनानियों पर भी दे चुकी हैं बयान

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा कि इससे पहले भी कंगना रनौत किसानों, स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान दे चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पहले इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर MP-MLA कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सांसद द्वारा दिया गया कथित बयान राष्ट्र की गरिमा, संसद की मर्यादा और छात्रों के सम्मान के प्रतिकूल है। अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए 5 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।

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