आगरा में ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम ने दिखाई सख्ती सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

उड़ता पंजाब से रोमियो लेन तक...आगरा में रेस्टोरेंट पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, तंदूर और कोयले के इस्तेमाल पर सख्ती

Agra TTZ Violation Fine Restaurants: आगरा में ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम सख्त हो गया है। बीकानेरवाला, उड़ता पंजाब समेत कई बड़े रेस्टोरेंट पर भारी जुर्माना लगाया गया।

अमन मौर्या, प्रदीप कुमार रावत

Agra Municipal Corporation Action Hotels: आगरा में ताजमहल की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लागू ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। टीटीजेड क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के बावजूद होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में कोयले की भट्ठियां और तंदूर संचालित किए जाने की शिकायतों पर नगर निगम की टास्क फोर्स लगातार औचक निरीक्षण कर रही है।

कई रेस्टोरेंट पर लगा हजारों का जुर्माना

इसी क्रम में फतेहाबाद रोड स्थित होटल-रेस्टोरेंट और कैफे में टीम ने जांच की। कार्रवाई के दौरान उड़ता पंजाब रेस्टोरेंट पर आठ हजार, बीकानेरवाला पर 10 हजार और पिरामिड रेस्टोरेंट पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा जिमबोरा क्लब और मैकडॉनल्ड्स समेत अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। टू सेंट बार कैफे पर 10 हजार रुपये और रोमियो लाइन कैफे में तंदूर मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कोयले की भट्ठियां, तंदूर बंद करने का मिला निर्देश

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों को पूर्व में भी कोयले की भट्ठियां और तंदूर बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के बाद दोबारा इनके संचालन की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों पर अब लगातार निगरानी रखी जा रही है।

निर्देशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

नगर निगम अधिकारी योगेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शासनादेश और न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित कोयले की भट्ठियां और तंदूर बंद होने तक अभियान जारी रखा जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सहकारिता विभाग समितियों में भी करोड़ों का घोटाला

आगरा में ही सहकारिता विभाग की समितियों के लिए बनाए गए गोदामों में भी अनियमितता देखी गई। किसान नेताओं ने ₹4.12 करोड़ की योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सरकारी धन की रिकवरी कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि तकनीकी जांच समिति (TAC) की रिपोर्ट में 11 गोदामों में गंभीर खामियां सामने आई हैं, इसके बावजूद रिपोर्ट को लंबे समय तक दबाकर रखा गया।

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